एक कण विराम द्रव्यमान शून्य और ऊर्जा एवं संवेग अशून्य हैं। इसकी गति होगी
$c$, (प्रकाश का निर्वात् में वेग) के बराबर
$c$ से अधिक
$c$ से कम
अनन्त की ओर अग्रसर
एक $2 \,mW$ लेजर की तरंगदैर्ध्य $500\, nm$ है। इससे निकलने वाले प्रति सेकण्ड फोटॉनों की संख्या होगी।
[दिया है, प्लांक नियतांक $h =6.6 \times 10^{-34} \,Js$, प्रकाश की चाल $c =3.0 \times 10^{8} \,m / s$ ]
प्रकाश वैद्युत प्रभाव क प्रयाग म दहला आवृात्त की $1.5$ गुनी आवृत्ति का एक प्रकाश किसी प्रकाश सुग्राही पदार्थ के तल पर आपतित होता है। अब यदि आवृत्ति को आधा तथा तीव्रता को दो गुना कर दिया जाये तो उत्सर्जित प्रकाश इलेक्ट्रॉनों की संख्या होगी :
एक फोटॉन $1 \,km$ की ऊँचाई से पृथ्वी के गुरूत्वीय क्षेत्र में गिरता है। इसकी आवृत्ति में परिवर्तन की गणना करने लिए इसके द्रव्यमान को $h v / c^2$ लीजिये। आवृत्ति $v$ में भिन्नात्मक (fractional) परिवर्तन का सन्निकट मान क्या होगा ?
फोटोग्राफी के डार्क रूम में प्राय: लाल रंग का प्रकाश रखा जाता है, इसका कारण है