एक चकती समान मोटाई की ताँबे और पीतल की चकतियों से मिलकर बनी है, इनकी ऊष्मा चालकताओं का अनुपात $1 : 4$ है। यदि पीतल का धरातल ${100^o}C$ पर और ताँबे का $0^o C $ पर है, तो अन्त: सन्धि का ताप ....... $^oC$ होगा
$80$
$20$
$60$
$40$
दो विभिन्न पदार्थों के गोले जिनमें एक की त्रिज्या दुगनी एवं दीवार की मोटाई दूसरे से $\frac{1}{4}$ गुनी है, बर्फ से भरे हैं। यदि सम्पूर्ण बर्फ पिघलने में बड़ी त्रिज्या वाले गोले को $25$ मिनट एवं छोटी त्रिज्या वाले गोले को $16$ मिनट लगते हों तो बड़ी त्रिज्या वाले गोले के पदार्थ की ऊष्मीय चालकता व छोटी त्रिज्या वाले गोले की ऊष्मीय चालकता का अनुपात है
निम्न में से कौनसी बेलनाकार छड़ में से अधिकतम ऊष्मा संचरित होगी, जबकि उनके सिरे समान स्थायी तापान्तर पर रखे जाते हैं
लम्बाई $L$ और एकसमान परिच्छेद क्षेत्रफल $A$ की एक छड़ के दो सिरों को दो तापमानों $T _{1}$ और $T _{2}$ (जबकि $T _{1}> T _{2}$ है ) पर निरन्तर रखा जा रहा है। स्थिर अवस्था में छड़ में से ऊष्मा के स्थानान्तरण की दर, $\frac{d Q}{d t}$ होगी
एक छड़ की $25$ सेमी लम्बाई ताँबे की एवं $10$ सेमी निकिल एवं $15$ सेमी लम्बाई एल्युमीनियम की बनी है। प्रत्येक एक-दूसरे से पूर्णत: ऊष्मीय संतुलन में हैं। ताँबे की छड़ का एक सिरा $100^\circ C$ तथा एल्युमीनियम का बाह्य सिरा $0^\circ C$ पर है। पूर्ण $50$ सेमी लम्बी छड़ को एक पट्टे से ढका गया है, जिससे उनके पृष्ठों से ऊष्मा हानि नहीं होती है। $K$(ताम्बा) $= 0.92;$ ${K}$(एलुमिनियम) $=0.5$; ${K}$(निकिल) $= 0.14$ $CGS$ मात्रक हैं, तो $Cu - Ni$ और $Ni - Al$ सन्धियों पर क्रमश: ताप होगा
दो पदार्थो जिनके ऊष्मा चालकता गुणांक $K$ तथा $2K$ तथा मोटाई क्रमश: $x$ तथा $4x$ है, को जोड़कर एक संयुक्त पट्टिका बनायी गयी है, जिसके दो बाह्य पृष्ठों के ताप क्रमश: $T_2$ तथा $T_1$ ($T_2$ > $T_1$). हैं। स्थायी अवस्था में इस पट्टिका से प्रवाहित ऊष्मा की दर $\left( {\frac{{A({T_2} - {T_1})K}}{x}} \right)f$, है, जिसमें $f$ का मान है