कोई छोटी वस्तु जो कि विश्राम अवस्था में है, ये $20 \mathrm{~mW}$ शक्ति वाली प्रकाश स्पन्द को $300 \mathrm{~ns}$ के समयान्तराल तक अवशोषित करती है। माना प्रकाश की चाल $3.6 \times 10^6 \mathrm{~m} / \mathrm{s}$ है, वस्तु का संवेग $........\times 10^{-17} kg\,m / s$हो जाएगा :
$0.5$
$2$
$3$
$1$
जब प्रकाश एक धातु की सतह पर आपतित होता है तो उत्सर्जित प्रकाश इलेक्ट्रॉनों की अधिकतम गतिज ऊर्जा निर्भर करती है
निर्वात में फोटॉन के वेग ओर आवृत्ति के मध्य खींचा गया वक्र
प्रकाश विद्युत प्रभाव के प्रयोग में आपर्तित फोटॉन
$1.5 \times {10^{13}}Hz$ आवृत्ति वाले फोटॉन का संवेग होगा
प्रकाश-विधुत प्रभाव में आपतित फोटॉन की तरंगदैर्ध्य $\lambda$ है। तथा निरोधी विभव $V_0$ है। $V_0$ का $\lambda$ तथा $1 / \lambda$ के साथ सही ग्राफ है (है)