एक महत्वपूर्ण स्पेक्ट्रमी उत्सर्जन रेखा की तरंगदैध्र्य $21 cm$ है। संगत फोटॉन ऊर्जा होगी
$(h = 6.62 \times {10^{ - 34}}Js;\;\;c = 3 \times {10^8}m/s)$
$5.9 \times {10^{ - 4}}eV$
$5.9 \times {10^{ - 6}}eV$
$5.9 \times {10^{ - 8}}eV$
$11.8 \times {10^{ - 6}}eV$
हाइजेनबर्ग के अनिश्रितता सिद्धान्त के अनुसार नीचे दिये गए कणों को न्यूनतम संभव ऊर्जा का आरोही क्रम कौन सा है?
$(I)$ $H _2$ अणु में एक इलेक्ट्रॉन
$(II)$ $H _2$ अणु में एक $H$ परमाणु
$(III)$ कार्बन के नाभिक में एक प्रोटॉन
$(IV)$ नैनोट्यूब में एक $H _2$ अणु
एक रेडियो स्टेशन $300$ मीटर तरंगदैध्र्य वाली तरंगों को प्रसारित कर रहा है। यदि ट्रांसमीटर की विकीर्णन क्षमता $10 kW$ है, तो प्रति सैकण्ड विकरित होने वाले फोटॉन की संख्या है
एक लेसर द्वारा $6.0 \times 10^{14}\, Hz$ आवृत्ति का एकवर्णी प्रकाश पैदा किया जाता है। उत्सर्जित शक्ति $2 \times 10^{-3} \,W$ है। स्त्रोत से प्रति सेकेण्ड उत्सर्जित फोटानों की औसत संख्या होगी-
$(a)$ एक निर्वात नली के तापित कैथोड से उत्सर्जित इलेक्ट्रॉनों की उस चाल का आकलन कीजिए जिससे वे उत्सर्जक की तुलना में $500\, V$ के विभवांतर पर रखे गए एनोड से टकराते हैं। इलेक्ट्रॉनों के लघु प्रारंभिक चालों की उपेक्षा कर दें। इलेक्ट्रॉन का आपेक्षिक आवेश अर्थात $e / m 1.76 \times 10^{11} \,C kg ^{-1}$ है।
$(b)$ संग्राहक विभव $10\, MV$ के लिए इलेक्ट्रॉन की चाल ज्ञात करने के लिए उसी सूत्र का प्रयोग करें, जो $(a)$ में काम में लाया गया है। क्या आप इस सूत्र को गलत पाते हैं? इस सूत्र को किस प्रकार सुधारा जा सकता है?
अंतरिक्षयान में एक दिन, पृथ्वी के दो दिनों के तुल्य है। पृथ्वी के सापेक्ष अंतरिक्षयान की चाल होगी