$3$ मीटर लम्बाई तथा $3$ किग्रा द्रव्यमान की एक समान चेन, चिकनी टेबल पर, $2$ मीटर टेबल पर रहते हुए प्रलंबन करती है। यदि टेबल से पूर्णतया खिसक जाने पर चेन की जूल में गतिज ऊर्जा $k$ हो, तो $k$ का मान......... है। $\left( g =10 \;m / s ^{2}\right.$ लीजिए $)$

  • [JEE MAIN 2021]
  • A

    $40$

  • B

    $60$

  • C

    $400$

  • D

    $10$

Similar Questions

$10 \,kg$ द्रव्यमान की गेंद, $10 \sqrt{3} \,m / s$ के वेग से $x$-अक्ष के अनुदिश चलते हुए विराम में रखी $20\, kg$ की एक अन्य गेंद से संघट्ट करती है। संघट्ट के पश्चात् पहली गेंद विराम में आ जाती है तथा दूसरी गेंद दो समान टुकड़ों में टूट जाती है। एक टुकड़ा $y$-अक्ष के अनुदिश $10\, m / s$ की चाल से गति करना प्रारम्भ करता है जबकि दूसरा टुकड़ा $x$-अक्ष से $30^{\circ}$ कोण पर चलना प्रारम्भ करता है। $x$-अक्ष से $30^{\circ}$ के कोण पर गति करने वाली गेंद का वेग $x\,m / s$ है। संघट्ट के बाद टुकड़ों के विन्यास को नीचे चित्र में दिखाया गया है। यहाँ $x$ का मान निकटतम पूर्णांक में $......$ होगा।

  • [JEE MAIN 2021]

दो घर्षणरहित आनत पथ, जिनमें से एक की ढाल अधिक है और दूसरे की ढाल कम है, बिंदु $A$ पर मिलते हैं। बिंदु $A$ से प्रत्येक पथ पर एक-एक पत्थर को विरामावस्था से नीचे सरकाया जाता है (चित्र)। क्या ये पत्थर एक ही समय पर नीचे पहुंचेंगे ? क्या वे वहां एक ही चाल से पहुंचेंगे? व्याख्या कीजिए। यदि $\theta_{1}=30^{\circ}, \theta_{2}=60^{\circ}$ और $h=10\, m$ दिया है तो दोनों पत्थरों की चाल एवं उनके द्वारा नीचे पहुंचने में लिए गए समय क्या हैं ?

$m$ द्रव्यमान का एक कण प्रारम्भिक गतिज उर्जा, $K$, से चलते हुए $x =+\infty$ से मूल बिन्दु के समीप आ रहा है | मान लीजिए कि उस पर एक संरक्षी (conservative) बल लगता है, जिसकी स्थितिज उर्जा $V ( x )$ निम्न समीकरण से दर्शायी गयी है

$V ( x )=\frac{ K }{\exp \left(3 x / x _0\right)+\exp \left(-3 x / x _0\right)}$

जहाँ $x _0=1 m$ है $\mid$ तब $x =0$ पर कण की चाल क्या होगी ?

  • [KVPY 2021]

कणों के किसी निकाय की गति को इसके द्रव्यमान केन्द्र की गति और द्रव्यमान केन्द्र के परित: गति में अलग-अलग करके विचार करना। दर्शाइये कि-

$(a)$ $p = p _{i}^{\prime}+m_{i} V$, जहाँ ( $m_i$, द्रव्यमान वाले) $i-$ वें कण का संवेग है, और $p _{i}^{\prime}=m_{i} v _{i}^{\prime} \mid$ ध्यान द्द कि $v_i^{\prime} $, द्रव्यमान केन्द्र के 

सापेक्ष $i-$ वें कण का वेग है। द्रव्यमान केन्द्र की परिभाषा का उपयोग करके यह भी सिद्ध कीजिए कि $\sum p _{i}^{\prime}=0$

$(b)$ $K=K^{\prime}+1 / 2 M V^{2}$

$K$ कणों के निकाय की कुल गतिज ऊर्जा, $K ^{\prime}=$ निकाय की कुल गतिज ऊर्जा जबकि कणों की गतिज ऊर्जा द्रव्यमान केन्द्र के सापेक्ष ली जाय। $M V^{2} / 2$ संपूर्ण निकाय के (अर्थात् निकाय के द्रव्यमान केन्द्र के ) स्थानान्तरण की गतिज ऊर्जा है। इस परिणाम का उपयोग भाग में किया गया है।

$(c)$ $L = L ^{\prime}+ R \times M V$

जहाँ $L ^{\prime}=\sum r _{i}^{\prime} \times p _{i}^{\prime}$ द्रव्यमान के परित: निकाय का कोणीय संवेग है जिसकी गणना में वेग द्रव्यमान केन्द्र के सापेक्ष मापे गये हैं। याद कीजिए $r _{t}^{\prime}= r _{t}- R$; शेष सभी चिह्न अध्याय में प्रयुक्त विभिन्न राशियों के मानक चिह्न हैं। ध्यान दें कि $L$ ' द्रव्यमान केन्र के परितः निकाय का कोणीय संवेग एवं $M R \times V$ इसके द्रव्यमान केन्द्र का कोणीय संवेग है।

$(d)$ $\frac{d L ^{\prime}}{d t}=\sum r _{t}^{\prime} \times \frac{d p ^{\prime}}{d t}$

यह भी दर्शाइये कि $\frac{d L ^{\prime}}{d t}=\tau_{e x t}^{\prime}$

(जहाँ $\tau_{\text {ext }}^{\prime}$ द्रव्यमान केन्द्र के परित: निकाय पर लगने वाले सभी बाहय बल आघूर्ण हैं।) [ संकेत : द्रव्यमान केन्द्र की परिभाषा एवं न्यूटन के गति के तृतीय नियम का उपयोग कीजिए। यह मान लीजिए कि किन्ही दो कणों के बीच के आन्तरिक बल उनको मिलाने वाली रेखा के अनुदिश कार्य करते हैं।]

$v$ वेग से गतिमान $m$ ग्राम की एक गोली $M$ ग्राम के लटके हुए एक लकड़ी के तख्ते से टकराती है, जिससे लकड़ी का तख्ता $h$ ऊँचाई तक उठ जाता है। तख्ते का प्रारम्भिक वेग होगा