द्रव्यमान $m , 2 \,m , 4 \,m$ व $8\, m$ के ब्लॉको को किसी घर्षणरहित फर्श पर एक रेखा में व्यवस्थित किया गया है। समान रेखा के अनुदिश $v$ चाल से गतिशील $m$ द्रव्यमान का एक अन्य ब्लॉक द्रव्यमान $m$ से पूर्णतया अप्रत्यास्थ टक्कर करता है। होने वाली सभी तदोपरान्त टक्करें भी पूर्णतया अप्रत्यास्थ है। जितने समय में $8\, m$ द्रव्यमान वाला अंतिम ब्लॉक गति करना प्रारम्भ करता है; कुल ऊर्जा ह्यस मूल ऊर्जा का $p\, \%$ होता है। ' $p$ ' का लगभग मान है।
$77$
$37$
$87$
$94$
दो पिण्डों के प्रत्यास्थ संघट्ट में निम्नलिखित राशि संरक्षित रहती है
एक $m$ द्रव्यमान का गोलक $I_1$ लम्बाई की डोरी से लटका हुआ है। इसे एक वेग दिया जाता है जो कि ऊर्ध्वाधर तल में एक वृत्त पूरा कराने के लिए न्यूनतम् है। अपने उच्चतम् बिन्दु पर यह गोलक दूसरे $m$ द्रव्यमान के गोलक से प्रत्यास्थ संघटट् करता है। दूसरा गोलक $I_2$ लम्बाई की डोरी से लटका हुआ है तथा प्रारंभ में विरामावस्था पर है। दोनों डोरियों द्रव्यमान रहित व अवितान्य हैं यदि संघटट के बाद दूसरे गोलक को ऐसी गति प्राप्त होती हैं जो कि ऊर्ध्वाधर तल में पूर्ण वृत्त पूरा करने के लिए न्यूनतम है, तब $\frac{ I _1}{ I _2}$ का अनुपात है :
एक एकरेखीय संघट्ट में, आरम्भिक चाल $v_{0}$ का एक कण समान द्रव्यमान के एक दूसरे रूके हुए कण से टकराता है। यदि कुल अंतिम गतिज ऊर्जा, आरम्भिक गतिज ऊर्जा से $50 \%$ ज्यादा हो तो टक्कर के बाद दोनों कणों के सापेक्ष गति का परिणाम होगा
एक कण $P, v$ चाल से चलते हुये विराम में स्थित समान द्रव्यमान के एक अन्य कण$Q$ से प्रत्यक्ष प्रत्यास्थ संघट्ट करता है। संघट्ट के पश्चात्
एक गेंद फर्श से अप्रत्यास्थ टक्कर के पश्चात् ऊपर उठती है, इस स्थिति में