त्रिज्या $R_1$ वाले एक एकाकी चालक गोले की धारिता $n$ गुना हो जाती है, जब इसे $R _2$ त्रिज्या वाले, पृथ्वी से जुड़े हुए एक समकेन्द्रीय चालक गोले के अंदर रखा जाता है। उनकी त्रिज्याओं का अनुपात $\left(\frac{ R _2}{ R _1}\right)$ है:

  • [JEE MAIN 2022]
  • A

    $\frac{ n }{ n -1}$

  • B

    $\frac{2 n}{2 n+1}$

  • C

    $\frac{ n +1}{ n }$

  • D

    $\frac{2 n+1}{n}$

Similar Questions

समान्तर प्लेट संधारित्र की धारिता निर्भर करती है

$R_1$ त्रिज्या का एक ठोस गोला, एक दूसरे संकेन्द्री खोखले $R_1$ त्रिज्या वाले सुचालक गोले से घिरा हुआ है। इस संयोजन की धारिता निम्न के समानुपाती है

$M.K.S.$ पद्धति में गोलीय चालक की धारिता होती है

$C _{1}$ एवं $C _{2}$ धारिता के दो संधारित्रों को क्रमशः $120\, V$ तथा $200\, V$ विभव से आवेशित किया जाता है। इन्हें आपस में जोड़ने पर यह पाया जाता है कि इनमें से प्रत्येक पर विभव का मान शून्य है। तब

  • [JEE MAIN 2013]

$500\, \mu F$ धारिता के एक संधारित्र को $100\, \mu C/sec$ की दर से आवेशित करने पर कितने समयान्तराल पश्चात् इस पर $10\, V$ विभव आ.......$sec$ जायेगा