समान्तर प्लेट संधारित्र की धारिता निर्भर करती है
प्रयुक्त धातु के प्रकार पर
प्लेटों की मोटाई पर
प्लेटों के मध्य आरोपित विभवान्तर पर
प्लेटों के मध्य की दूरी पर
एक समान्तर-पट्ट संधारित्र की धारिता $12\,\mu \,F$ है। यदि प्लेटों के बीच की दूरी दोगुनी एवं इनका क्षेत्रफल आधा कर दिया जाये जो नई धारिता ........$\mu \,F$ होगी
$2\,\mu F$ धारिता वाले एक संधारित्र को एकसमान रूप से $0$ से $5$ $C$ तक आवेशित किया जाता है। निम्न में से कौनसा ग्राफ संधारित्र पर विभवान्तर और आवेश के सम्बन्ध को सही दर्शाता है
सावधानीपूर्वक उत्तर दीजिए:
$(a)$ दो बड़े चालक गोले जिन पर आवेश $Q_{1}$ और $Q_{2}$ हैं, एक-दूसरे के समीप लाए जाते हैं। क्या इनके बीच स्थिरवैध्यूत बल का परिमाण तथ्यत:
$Q_{1} Q_{2} / 4 \pi \varepsilon_{0} r^{2}$
द्वारा दर्शाया जाता है, जहाँ $r$ इनके केंद्रों के बीच की दूरी है?
$(b)$ यद् कूलॉम के नियम में $1 / r^{3}$ निर्भरता का समावेश ( $1 / r^{2}$ के स्थान पर) हो तो क्या गाउस का नियम अभी भी सत्य होगा?
$(c)$ स्थिरवैध्युत क्षेत्र विन्यास में एक छोटा परीक्षण आवेश किसी बिंदु पर विराम में छोड़ा जाता है। क्या यह उस बिंदु से होकर जाने वाली क्षेत्र रेखा के अनुदिश चलेगा?
$(d)$ इलेक्ट्रॉन द्वारा एक वृत्तीय कक्षा पूरी करने में नाभिक के क्षेत्र द्वारा कितना कार्य किया जाता है? यदि कक्षा दीर्घवृत्ताकार हो तो क्या होगा?
$(e)$ हमें ज्ञात है कि एक आवेशित चालक के पृष्ठ के आर-पार विध्युत क्षेत्र असंतत होता है। क्या वहाँ वैध्युत विभव भी असंतत होगा?
$(f)$ किसी एकल चालक की धारिता से आपका क्या अभिप्राय है?
$(g)$ एक संभावित उत्तर की कल्पना कीजिए कि पानी का परावैध्युतांक $(= 80),$ अभ्रक के परावैध्युतांक $(=6)$ से अधिक क्यों होता है?
$500\, \mu F$ धारिता के एक संधारित्र को $100\, \mu C/sec$ की दर से आवेशित करने पर कितने समयान्तराल पश्चात् इस पर $10\, V$ विभव आ.......$sec$ जायेगा
किसी वस्तु पर आवेश तथा विभव का अनुपात कहलाता है