कैथोड किरणें उतपन्न होती हैं यदि दाब की कोटि हो
$Hg$ का $2$ $cm$
$Hg$ का $0.1$ $cm$
$Hg$ का $0.01$ $mm$
$Hg$ का $1$ $\mu m$
एक कण जिसकी संहति इलेक्ट्रॉन की संहति से $400$ गुना व आवेश इलेक्ट्रॉन के आवेश का दुगना है, $5 V$ विभवान्तर के द्वारा त्वरित किया जाता है। यदि कण प्रारम्भ में स्थिर था, तो उसकी अंतिम गतिज ऊर्जा ........ $ eV$ होगी
किसी स्पेक्ट्रोग्राफ में प्राप्त परवलयों पर चार धनावेशित आयनों $P,Q,R$ एवं $S$ के वेग क्रमश: $v_1$, $v_2$, $v_3$ हैं तब सही सम्बन्ध होगा
मिलिकन प्रयोग में, $d$ दूरी पर स्थित दो प्लेटों के मध्य विभवान्तर $V$ आरोपित करने पर, $q$ आवेश से आवेशित तेल बूंद स्थिर हो जाती है, तो बूंद का भार है
एक संकीर्ण इलेक्ट्रॉन पुँज वैद्युत क्षेत्र $E = 3 \times {10^4}volt/m$ और उसी स्थान पर आरोपित चुम्बकीय क्षेत्र $B = 2 \times {10^{ - 3}}Weber/{m^2}$ से अविचलित गुजर जाता है। इलेक्ट्रॉन गति, वैद्युत क्षेत्र एवं चुम्बकीय क्षेत्र तीनों परस्पर लम्बवत् हैं। इलेक्ट्रॉनों की चाल का मान है
इलेक्ट्रॉन का द्रव्यमान निम्न में से किस कारण से बदलता है