एक इलेक्ट्रॉन प्रारम्भ में विरामावस्था में है, इसे $ 200 V$ के विभवान्तर से त्वरित करने पर इसके द्वारा प्राप्त वेग $8.4 \times {10^6}m/s$ है। इलेक्ट्रॉन का $ e/m$ होगा
$2.76 \times {10^{12}}C/kg$
$1.76 \times {10^{11}}C/kg$
$0.76 \times {10^{12}}C/kg$
उपरोक्त में से कोई नहीं
निर्वात नलिकाओं में ऑक्साइड लेपित तन्तु का उपयोग किया जाता है क्योंकि आवश्यक रूप से
एक इलेक्ट्रॉन $200$ वोल्ट विभवान्तर से त्वरित होता है। यदि इलेक्ट्रॉन के लिए $\frac{e}{m} = 1.6 \times {10^{11}}$ $C/kg$ हो तो इलेक्ट्रॉन द्वारा प्राप्त वेग होगा
जब इलेक्ट्रॉन का पुँज वैद्युत क्षेत्र से गुजरता है तब उसकी गतिज ऊर्जा बढ़ जाती है। यदि यही पुँज चुम्बकीय क्षेत्र में से गुजरे तब
विद्युत चुम्बकीय तरंगों तथा इलेक्ट्रॉनों की कण प्रकृति एवं तरंग प्रकृति निम्न में से किसके द्वारा प्रदर्शित की जा सकती है
कैथोड किरणें उतपन्न होती हैं यदि दाब की कोटि हो