कैथोड किरणें एक समरूप चुम्बकीय क्षेत्र में, क्षेत्र की दिशा के लम्बवत् प्रवेश करती हैं। चुम्बकीय क्षेत्र में उनका मार्ग होगा
सरल रेखीय
वृत्ताकार
परवलयाकार
दीर्घवृत्तीय
कैथोड किरणों के सम्बन्ध में क्या सत्य नहीं है
मिलिकन के प्रयोग में तेल का उपयोग किया जाता है इसका कारण है
जब इलेक्ट्रॉनों का वेग बढ़ता है तब उसके विशिष्ट आवेश का मान
कैथोड किरणें, दृष्य प्रकाष किरणों के समान होती हैं क्योंकि
$‘e’$ कूलॉम आवेश का एक इलेक्ट्रॉन $V$ वोल्ट विभवान्तर से त्वरित होता है तो इसकी ऊर्जा जूल में होगी