एक पदार्थ का कार्यफलन $3.0 \mathrm{eV}$ है। इस पदार्थ से प्रकाश इलेक्ट्रॉनों के उत्सर्जन के लिए आवश्यक अधिकतम तरंगदैर्ध्य लगभग है।

  • [JEE MAIN 2024]
  • A

     $215 \mathrm{~nm}$

  • B

     $414 \mathrm{~nm}$

  • C

     $400 \mathrm{~nm}$

  • D

     $200 \mathrm{~nm}$

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$100eV$ ऊर्जा के फोटॉन की आवृत्ति होगी $(h = 6.6 \times {10^{ - 34}}\,J{\rm{ - }}sec)$

यदि मुक्त आकाश में प्रकाश का वेग $c$ है, फोटान के लिए निम्नलिखित में सही कथन है:

$A$. फोटान की ऊर्जा $E=h v$ है।

$B$. फोटान का वेग $c$ है।

$C$. फोटान का संवेग $p=\frac{h v}{c}$ है।

$D$. फोटान-इलैक्ट्रान संघट्ट में, दोनों कुल ऊर्जा व कुल संवेग संरक्षित रहते हैं।

$E$. फोटान पर धनात्मक आवेश होता है।

निम्नलिखित विकल्पों से सही उत्तर चुनिए:

  • [NEET 2024]

$\lambda $ तरंगदैध्र्य के फोटॉन का संवेग होगा

  • [AIPMT 1993]

जब प्रकाश एक धातु की सतह पर आपतित होता है तो उत्सर्जित प्रकाश इलेक्ट्रॉनों की अधिकतम गतिज ऊर्जा निर्भर करती है

निम्नतम अवस्था में विद्यमान एक हाइड्रोजन परमाणु एक फोटॉन को अवशोषित करता है जो इसे $n=4$ स्तर तक उत्तेजित कर देता है। फोटॉन की तरंग दैर्ध्य तथा आवृत्ति ज्ञात कीजिए।