एक क्वान्टा की आवृत्ति ${10^{15}}Hz$ है एवं $h = 6.6 \times {10^{ - 34}}J{\rm{ - }}\sec $ जूल सैकण्ड है, तो ऊर्जा होगी
$6.6 \times {10^{ - 19}}J$
$6.6 \times {10^{ - 12}}J$
$6.6 \times {10^{ - 49}}J$
$6.6 \times {10^{ - 41}}J$
किसी लेजर द्वारा $6 \times 10^{14} \mathrm{~Hz}$ आवृात्त का एकवणो प्रकाश उत्पन्न किया गया है। उत्सर्जित शक्ति $2 \times 10^{-3} \mathrm{~W}$ है। स्त्रोत द्वारा औसतन उत्सर्जित प्रति सैकण्ड फोटानों की संख्या कितनी होगी
(दिया है : $\mathrm{h}=6.63 \times 10^{-34} \mathrm{JS}$ )
मानव नेत्र हरे प्रकाश ($\lambda$ $= 5000\ \mathop A\limits^o $) के $5 × 10^4$ फोटॉन प्रति वर्ग मीटर प्रति सैकण्ड संसूचित कर सकता है, जबकि कान ${10^{ - 13}}\,(W/{m^2})$ संसूचित कर सकता है। नेत्र, कान की तुलना में लगभग कितने गुणक से अधिक संवेदनशील हैं
$40$ सेमी. फोकस दूरी का एक उत्तल लैंस का प्रकाश विद्युत सेल पर वृहद स्त्रोत का प्रतिबिम्ब बनाता है। जिससे धारा I उत्पन्न होती है। यदि लैंस को एक समान व्यास तथा $20$ सेमी. फोकस दूरी के दूसरे लैंस द्वारा बदल दिया जाता है। जब प्रकाश विद्युत धारा होगी :
धातु का कार्य फलन होता है
जब प्रकाश दिये गये तरंगदैर्ध्य (wavelength) से एक धात्वीय पृष्ठ (metallic surface) पर पड़ता है तो उत्सर्जित (emitted) फोटोइलेक्ट्रॉन्स को रोकने के लिए $6.0 V$ के निम्नतम विभव की आवश्यकता होती है। यदि एक दूसरे स्त्रोत जिसका तरंगदैर्ध्य पहले वाले से चार गुना और तीव्रता (intensity) पहले वाले से आधी है को प्रयोग में लाया जाये तो विभव घट कर $0.6 V$ रह जाता है। पहले स्त्रोत की तरंगदैर्ध्य और धातु का कार्य फलन क्रमशः क्या होगा ?
$[\frac{h c}{e}=1.24 \times 10^{-6} Jm C ^{-1}$ लें ]