एक विद्युत क्षेत्र परिमाण में $x -$ अक्ष के अनुदिश बढ़ रहा है, संगत समविभवी सतहें होंगी

  • [AIIMS 2004]
  • A

    $yz$-तल के समान्तर तल

  • B

    $xy$-तल के समान्तर तल

  • C

    $xz$-तल के समान्तर तल

  • D

    $x$-अक्ष के चारों ओर बढ़ती हुयी त्रिज्या के समाक्षीय बेलन

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$6\, cm$ की दूरी पर अवस्थित दो बिंदुओं $A$ एवं $B$ पर दो आवेश $2 \mu C$ तथा $-2 \mu C$ रखे हैं।

$(a)$ निकाय के सम विभव पृष्ठ की पहचान कीजिए।

$(b)$ इस पृष्ठ के प्रत्येक बिंदु पर विध्यूत क्षेत्र की दिशा क्या है?

निम्न चित्र में समविभव बिन्दु होंगे

समरूप विद्युत क्षेत्र किसी क्षेत्र में धनात्मक $x$-दिशा की ओर इंगित है। माना $A$ मूलबिन्दु है, $B$, $x$-अक्ष पर $x =  + 1$ सेमी. पर बिन्दु है तथा $C$ $y$-अक्ष पर $y =  + 1$ सेमी. पर एक बिन्दु है तो बिन्दुओं $A$, $B$ व $C$ पर विभव निम्न सम्बंध से सन्तुष्ट होंगे

  • [IIT 2001]

एक अनन्त कुचालक चादर के एक सतह पर आवेश घनत्व $\sigma  = 0.10\, \mu C/m^2$ है। यदि इसके विद्युत क्षेत्र में दो समविभवी सतहों के मध्य विभवान्तर $50\, V$ है तो इनके मध्य की दूरी होगी

व्यवस्थात्मकतः निम्नलिखित में संगत समविभव पृष्ठ का वर्णन कीजिएः

$(a)$ $Z-$दिशा में अचर विद्युत क्षेत्र

$(b)$ एक क्षेत्र जो एकसमान रूप से बढ़ता है, परंतु एक ही दिशा ( मान लीजिए $z-$ दिशा) में रहता है।

$(c)$ मूल बिंदु पर कोई एकल धनावेश, और

$(d)$ एक समतल में समान दूरी पर समांतर लंबे आवेशित तारों से बने एकसमान जाल।