तप्त करने पर प्रसार
केवल ठोसों में होता है
पदार्थ का भार बढ़ा देता है
पदार्थ का भार बढ़ा देता है
सभी द्रवों एवं ठोसों में समान दर से होता है
एक सोने की वलय जिसका व्यास $6.230\,cm$ है, को किस ताप पर गर्म करना चाहिए ताकि वह $6.241\,cm$ व्यास की लकडी की चूडी में समाहित की जा सके ? दोनो व्यास कमरे के ताप $\left(27^{\circ}\,C \right)$ पर मापे गए है। (सोने का रेखीय तापीय प्रसार गुणांक $\alpha_{ L }=1.4 \times 10^{-5} K ^{-1}$ )
पीतल (ब्रास) और स्टील की छड़ों के अनुदैर्घ्य प्रसार गुणांक्र क्रमश: $\alpha_{1}$ और $\alpha_{2}$ हैं। पीतल और स्टील की छड़ों की लम्बाइयां क्रमश: $l_{1}$ और $l_{2}$ हैं। यदि $\left(l_{2}-l_{1}\right)$ को सभी तापों के लिए समान बनाया जाये, तब नीचे दिए गए संबंधों में से कौन-सा सत्य है ?
एक काँच पात्र में मरकरी का आभासी प्रसार गुणांक $153 \times 10{^{-6}}{°C^{-1}}$ एवं स्टील पात्र में मरकरी का आभासी प्रसार गुणांक $144 \times 10{^{-6}}{°C^{-1}}$ है। यदि स्टील के लिए a का मान $12 × 10 {^{-6}}{°C^{-1}}$ हो, तब ग्लास के लिए $\alpha$ का मान होगा
कोई द्विधात्विक पट्टिका दो धातुओं $A$ तथा $B$ से बनी है। इसे आरेख में दर्शाए अनुसार दढ़तापूर्वक आरोपित किया गया है। धातु $A$ का प्रसार गुणांक धातु $B$ की तुलना में अधिक है। जब इस द्विधात्विक पट्टिका को किसी शीत पात्र में रखा जाता है, तो यह पट्टिका।
मरकरी का आयतन प्रसार गुणांक $18 \times 10^{-5}{°C^{-1}}$ है। एक थर्मामीटर के बल्व का आयतन $10^{-6} m^3$ एवं दण्डी का अनुप्रस्थ काट $ 0.004\, cm^2$ है। यह मानते हुए कि बल्ब $0°C$ पर मरकरी से भरा हुआ है, तब मरकरी स्तम्भ की $100°C$ पर लम्बाई होगी