एक वर्ग की प्रत्येक भुजा की लम्बाई $'a'$ है, इसके चारों कोनों पर $4$ समान $Q$ आवेशों को रखा जाता है। उसके केन्द्र से अनन्त तक
$-Q$ आवेश को हटाने में किया गया कार्य है
$0$
$\frac{{\sqrt 2 {Q^2}}}{{4\pi {\varepsilon _0}a}}$
$\frac{{\sqrt 2 {Q^2}}}{{\pi {\varepsilon _0}a}}$
$\frac{{{Q^2}}}{{2\pi {\varepsilon _0}a}}$
एक इलेक्ट्रॉन निम्न विभव क्षेत्र ${V_1}$ से उच्च विभव क्षेत्र ${V_2}$ में प्रवेश करता है। इसका वेग
हाइड्रोजन आयन और हीलियम के एकल आयनित परमाणु को स्थिर अवस्था से समान विभवान्तर लगाकर त्वरित करा जाता है। ऐसी अवस्था में हाइड्रोजन आयनों की अन्तिम गति और हीलियम आयनों की अन्तिम गतियों का अनुपात निम्न में से किसके निकटतम होगा ?
एक मूल कण जिसका द्रव्यमान $m$ व आवेश $ + \,e$ है को $v$ वेग से एक बहुत भारी कण जिस पर आवेश $Ze$ (जहाँ $Z > 0$) है, की ओर प्रक्षेपित किया जाता है। आपतित कण की निकटतम पहुँच दूरी होगी
एक $\alpha $-कण को $200\,V$ विभवान्तर से त्वरित किया जाता है। इसकी गतिज ऊर्जा में वृद्धि ....... $eV$ होगी
छः आवेशों $+ q - q + q .- q$, $+ q$ एवं $- q$ को $d$ भुजा वाले एक षटभुज के कौनो पर चित्रानुसार लगाया गया है। अनन्त से आवेश $q _0$ को षटभुज के केन्द्र तक लाने में किया गया कार्य है :
( $\varepsilon_0$ - मुक्त आकाश का परावैद्युतांक)