एक $\alpha - $कण $70\,V$ वाले किसी बिन्दु से $50\,V$ वाले बिन्दु तक जाता है, इसके द्वारा कितनी गतिज ऊर्जा प्राप्त की जायेगी
$40\,eV$
$40\,keV$
$40\,MeV$
$0\,eV$
एक त्रिज्या $R$ तथा एकसमान धनात्मक आवेश घनत्व (positive charge density) $\sigma$ की चक्रिका को $x y$ तल पर रखा गया है और इसका केंद्र मूल बिंदु पर है। कूलाम्ब विभव $z$ अक्ष पर $V(z)=\frac{\sigma}{2 \epsilon_0}\left(\sqrt{R^2+z^2}-z\right)$ है। एक कण जिसका धनात्मक आवेश $q$ है को प्रारंभ में विरामावस्था में $z$ अक्ष पर $z=z_0$ तथा $z_0>0$ स्थिति पर रखा जाता है। इसके अतिरिक्त एक कण पर उध्वार्धर (vertical) बल $\vec{F}=-c \hat{k}$ लगता है, जहाँ $c>0$ है। $\beta=\frac{2 c \epsilon_0}{q \sigma}$ लें। निम्न में से कौन सा (से) कथन सही है (हैं)।
$(A)$ $\beta=\frac{1}{4}$ तथा $z_0=\frac{25}{7} R$ के लिए कण मूल बिंदु (origin) पर पहुँचता है।
$(B)$ $\beta=\frac{1}{4}$ तथा $z_0=\frac{3}{7} R$ के लिये कण मूल बिंदु पर पहुँचता है।
$(C)$ $\beta=\frac{1}{4}$ तथा $z_0=\frac{R}{\sqrt{3}}$ के लिए कण $z=z_0$ पर वापस आता है।
$(D)$ $\beta>1$ तथा $z_0>0$ के लिये कण हमेशा मूल बिंदु पर पहुँचता है।
$100\, V$ विभवान्तर से त्वरित इलेक्ट्रॉन की गतिज ऊर्जा होगी
निम्न चित्र में दिखाये अनुसार एक बिन्दु आवेश $6$ एक समान आवेशों से सममित रूप से घिरा है। स्थिर वैद्युत बलों के द्वारा आवेश $q$ को केन्द्र से अनन्त तक चलाने में कार्य होगा
निम्नांकित आरेख के अनुसार एक बिन्दु आवेश $ + q$ मूलबिन्दु $O$ पर स्थित है। अन्य बिन्दु आवेश $ - Q$ को बिन्दु $A$ $(0,\,a)$ से अन्य बिन्दु $B(a, 0)$ तक सरल रेखीय पथ $AB$ के अनुदिश ले जाने में किया गया कार्य है:
चित्र में दो समान्तर समविभवी पृष्ठ $A$ और $B $ दिखाये गये हैं। उनके बीच की दूरी $r$ है। एक $-q $ कूलॉम का आवेश पृष्ठ $A$ से $B$ पर ले जाया जाता है। किया गया परिणामी कार्य होगा