यदि गुणोत्तर श्रेणी के अनंत पदों का योगफल $s$ तथा प्रथम पद $a$ है, तो सार्वअनुपात $r$ होगा
$\frac{{a - s}}{s}$
$\frac{{s - a}}{s}$
$\frac{a}{{1 - s}}$
$\frac{{s - a}}{a}$
माना $a_1, a_2, a_3, \ldots$ वर्धमान धनात्मक संख्याओं की एक $G.P.$ है। माना इसके छठे और आठवें पदों का योग $2$ है तथा इसके तीसरे और पाँचवें पदों का गुणनफल $\frac{1}{9}$ है। तो $6\left(a_2+a_4\right)\left(a_4+a_6\right)$ बराबर है।
यदि किसी गुणोत्तर श्रेणी के $n$ पदों का योग $S$ एवं गुणनफल $P$ है तथा उनके व्युत्क्रमों का योग $R$ है, तो ${P^2}$ का मान है
गुणोत्तर श्रेणी के कुछ पदों का योग $315$ है, उसका प्रथम पद तथा सार्व अनुपात क्रमशः $5$ तथा $2$ हैं। अंतिम पद तथा पदों की संख्या ज्ञात कीजिए।
यदि $3 + 3\alpha + 3{\alpha ^2} + .........\infty = \frac{{45}}{8}$, तो $\alpha $ का मान होगा
एक गुणोत्तर श्रेणी के तीन पदों का योगफल $S$ है और उनका गुणनफल $27$ है। तो ऐसे सभी $S$ किसमें निहित हैं