यदि संवेग $[ P ]$, क्षेत्रफल $[ A ]$ एवं समय $[ T ]$ का प्रयोग मूलभूत राशियों की तरह किया जाए, तो श्यानता गुणांक का विमीय सूत्र होगा :
$\left[ PA ^{-1} T ^{0}\right]$
$\left[ PA T ^{-1}\right]$
$\left[ PA ^{-1} T \right]$
$\left[ PA ^{-1} T ^{-1}\right]$
ऊर्जा घनत्व का व्यंजक निम्नवत है $u =\frac{\alpha}{\beta} \sin \left(\frac{\alpha x }{ kt }\right)$, जहाँ $\alpha$ एवं $\beta$ स्थिरांक हैं, $x$ विस्थापन है, $k$ वोल्टजमैन स्थिरांक है एवं $t$ तापमान है। $\beta$ की विमाऐं होंगी :
कोई बल $F = at + b{t^2}$से प्रदर्शित किया जाता है, जहाँ $t$ समय है $a$ व $b$ की विमायें होगी
एक विशेष मात्रक पद्धति निकाय (system of units) में, एक भौतिकी राशि को इलेक्ट्रॉनिक आवेश $e$, इलेक्ट्रॉन द्रव्यमान $m_e$ प्लांक नियतांक (Planck's constant) $h$ और कूलाम्ब नियतांक $k=\frac{1}{4 \pi \epsilon_0}$ के रूप में निरूपित किया जाता है, जहाँ $\epsilon_0$ निर्वात का परावेधुतांक (permittivity) है। इन भौतिकीय नियतांको के रूप में, चुम्बकीय क्षेत्र की विमा (dimension) $[B]=[e]^\alpha\left[m_e\right]^\beta[h]^\gamma[k]^\delta$ है। $\alpha+\beta+\gamma+\delta$ का मान. . . . . है ।