$r$ तथा $R$ त्रिज्या $( > r)$ के दो संकेन्द्रीय एवं खोखले गोलों पर आवेश $Q$ इस प्रकार से वितरित है कि इनके पृष्ठीय आवेश घनत्व समान हैं। इनके उभयनिष्ठ केन्द्र पर विभव होगा

  • A

    $\frac{{Q({R^2} + {r^2})}}{{4\pi {\varepsilon _0}(R + r)}}$

  • B

    $\frac{{QR}}{{R + r}}$

  • C

    शून्य

  • D

    $\frac{{Q(R + r)}}{{4\pi {\varepsilon _0}({R^2} + {r^2})}}$

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एक कण त्वरक (Particle accelerator) में, प्रोटॉन पुंज की $500 \,\mu A$ की विद्युत धारा प्रवाहित हो रही है। इस पुंज में प्रत्येक प्रोटान की चाल $3 \times 10^7 \,m / s$ है। पुंज के अनुप्रस्थ काट का क्षेत्रफल $1.50 \,mm ^2$ है। इस पुंज में आवेश का घनत्व $Coulomb/m$ मात्रक में लगभग होगा।

  • [KVPY 2018]

$R$ त्रिज्या के पतले अर्द्धवलय पर $q$ आवेश एकसमान रूप से वितरित है। वलय के केन्द्र पर विद्युत क्षेत्र है

समविभव पृष्ठ तथा विद्युत बल रेखाओं के बीच कोण .......$^o$ है

तीन वैद्युत आवेश $4q\,, \,Q$ और $q$ एक सरल रेखा पर $0$, $l/2$ और $l$ स्थिति पर क्रमश: रखे गये हैं। आवेश $q$ पर परिणामी बल शून्य होगा, यदि $Q$ बराबर हो

एक प्रतिरोथक $R$ से धारिता $C$ का एक संधारित्र विसर्जित हो रहा है। यह मान लें कि संधारित्र से संभारित ऊर्जा को अपने प्रारंभिक मान से घटकर आधा रह जाने में $t_{1}$ समय लगता है और आवेश को अपने प्रारम्भिक मान से घटकर एक-चोथाई रह जाने में $t_{2}$ समय लगता है। तब अनुपात $t_{1} / t_{2}$ होगा