धातु की एक पतली चकती अपने केंद्र से गुजरते हुए एक ऊर्ध्वाधर अक्ष के परित: एक समान कोणीय वेग से घूर्णन कर रही है। घूर्णन के कारण चकती के मुक्त इलेक्ट्रॉन पुन: वितरित हो जाते हैं। कोई भी बाह्य विद्युत या चुम्बकीय क्षेत्र अनुपस्थित है। तब

  • [KVPY 2018]
  • A

    चकती की परिधि पर कोई बिन्दु चकती के केंद्र की अपेक्षा ज्यादा विभव पर होगा।

  • B

    चकती की परिधि पर कोई बिन्दु चकती के केंद्र की अपेक्षा कम विभव पर होगा।

  • C

    चकती की परिधि पर कोई बिन्दु चकती के केंद्र के समान विभव पर होगा।

  • D

    विभव का मान चकती के केंद्र और परिधि के मध्य किसी बिन्दु पर चरममान (extremum) है।

Similar Questions

तीन वैद्युत आवेश $4q\,, \,Q$ और $q$ एक सरल रेखा पर $0$, $l/2$ और $l$ स्थिति पर क्रमश: रखे गये हैं। आवेश $q$ पर परिणामी बल शून्य होगा, यदि $Q$ बराबर हो

$M_1$ एवं $M_2$ दो पिण्ड हैं. जिनका धनात्मक आवेश फ्रमश: $Q_1$ एवं $Q_2$ है। दोनों पिण्डों को एक ऊँचाई से एकसमानविद्युत क्षेत्र में गिराया जाता है। विद्युत क्षेत्र ऊर्ध्वाधर दिशा में ऊपर की तरफ है। पिण्ड $M_1$ पिण्ड $M_2$ से पहले जमीन पर गिरता है, तव,

  • [KVPY 2019]

दो समान आवेश एक दूसरे से $d$ दूरी पर रखे हैं। $x$ दूरी पर इसके लम्ब अर्धक पर रखा तीसरा आवेश अधिकतम बल अनुभव करेगा यदि

$R$ त्रिज्या के पतले अर्द्धवलय पर $q$ आवेश एकसमान रूप से वितरित है। वलय के केन्द्र पर विद्युत क्षेत्र है

समविभव पृष्ठ तथा विद्युत बल रेखाओं के बीच कोण .......$^o$ है