यदि किसी समान्तर श्रेणी का $9$ वाँ पद $35$ एवं $19$ वाँ पद $75$ है, तो इसका $20$ वाँ पद होगा
$78$
$79$
$80$
$81$
$1$ से $100$ तक के $2$ या $5$ से विभाज्य पूर्णांकों का योग है
यदि ${S_k}$ किसी समान्तर श्रेणी के $k$ पदों का योगफल है जिसके प्रथम पद एवं सार्वअन्तर क्रमश: $‘a’$ व $‘d’$ हैं, तो $\frac{{{S_{kn}}}}{{{S_n}}}$,$n$ से स्वतंत्र होगा यदि
माना $a _{1}, a _{2}, \ldots \ldots, a _{21}$ समांतर श्रेढ़ी में इस प्रकार हैं कि $\sum_{n=1}^{20} \frac{1}{a_{n} a_{n+1}}=\frac{4}{9}$ है। यदि इस समांतर श्रेढ़ी का योगफल 189 है, तब $a _{6} a _{16}$ बराबर है
${\log _{\sqrt 3 }}x + {\log _{\sqrt[4]{3}}}x + {\log _{\sqrt[6]{3}}}x + ..... + {\log _{\sqrt[{16}]{3}}}x = 36$ का हल है
यदि $b _{1}, b _{2}, b _{3}, \ldots b _{11}$ एक वर्धमान $A.P.$ है और इसके पदों का प्रसरण $90$ है, तो इस $A.P.$ का सार्व अन्तर है