केशनली में पानी की वक्र सतह के नीचे दाब होगा
वायुमण्डलीय दाब के बराबर
ऊपर की ओर के दाब के बराबर
ऊपर की ओर के दाब से अधिक
ऊपर की ओर के दाब से कम
दो साबुन के बुलबुलों की त्रिज्याऐं असमान किन्तु पृष्ठ तनाव समान है। सत्य कथन छाँटिए
झील की तली से सतह तक आने में हवा के बुलबुले का आयतन तीन गुना बढ़ता है। यदि वायुमण्डलीय दाब $75$ सेमी पारे के स्तम्भ के बराबर तथा पानी का घनत्व पारे के घनत्व का $1/10$ हो तब झील की गहराई ...... $m$ होगी
साबुन के दो बुलबुले, जिनकी त्रिज्यायें ${r_1}$ व ${r_2}$ क्रमश: $4\, cm$ व $5\, cm $ हैं, उभयनिष्ठ पृष्ठ $S_1S_2$ पर एक-दूसरे को स्पर्श कर रहे हैं (चित्रानुसार) इसकी त्रिज्या ...... $cm$ होगी
$T$ पृष्ठ तनाव की एक साबुन की झिल्ली, $R$ त्रिज्या की नली के मुख पर चिपकी है। इस नली से जब $\rho$ घनत्व की हवा फूंकी जाती है तो झिल्ली फैलती है। फैलते हुए जब इसका आकार अर्द्धगोलाकार हो जाता है तो यह बुलबुले के रूप में निकल जाती है। यदि झिल्ली पर $v$ वेग की हवा के द्वारा आरोपित गतिक दाब $\frac{1}{2} \rho v^2$ है तो किस गति से बुलबुला निर्मित हो रहा है?
$r$ त्रिज्या की एक केशनली को पृष्ठ तनाव $S$ तथा घनत्व $r$ के द्रव में डुबोया जाता है। यदि स्पर्श कोण $q$ है तो बीकर तथा केशनली में द्रव पृष्ठों के मध्य दावांतर होगा