साबुन के बुलबुले का आकार गोलीय होता है, तो निम्नलिखित में से कौनसा कथन असत्य है
साबुन की झिल्ली में पीछे की ओर अणुओं की दो सतह होती हैं
बुलबुला अपने अन्दर वायु घेर लेता है
बुलबुले के अन्दर दाब, वायुमण्डलीय दाब से कम होता है, यही कारण है कि वायुमण्डलीय दाब द्वारा बुलबुला चारों ओर से दबाया जाता है तथा इससे इसका आकार गोलीय बन जाता है
झिल्ली के प्रत्यास्थता गुण के कारण बुलबुले का घिरा पूरा आयतन सिकुड़ने लगता है ताकि पृष्ठीय क्षेत्र सिकुड़कर इतना छोटा हो जाये जितना कि यह हो सकता है
साबुन के घोल का पृष्ठ तनाव $25 \times {10^{ - 3}}N{m^{ - 1}}$ है, तो $1\,cm$ व्यास के साबुन के बुलबुले के अन्दर दाब आधिक्य ....... $Pa$ है
एक लम्बे बेलनाकार कांच के पात्र की तली में $r$ त्रिज्या का एक छोटा छिद्र है। पानी (पृष्ठ तनाव $T$) से भरी गहरी टंकी में इस पात्र को सीधा जिस गहराई तक डुबाया जा सकता है कि पानी उसमें नहीं घुसे, वह है
दो साबुन के बुलबुले मिलकर एक बुलबुला बनाते हैं। यदि इनमें स्थित वायु के आयतन में परवर्ती परिवर्तन $V$ है और सम्पूर्ण पृष्ठ क्षेत्रफल में परिवर्तन $S$ है, $T$ पृष्ठ तनाव है और $P$ वायुमंडल दाब है, तब निम्नलिखित में से कौन-सा सम्बन्ध सही है ?
किसी नली के मुँह पर यांत्रिक पम्प द्वारा फुलाया गया साबुन का एक बुलबुला सयम के साथ नियत दर बढ़ता जाता है। बुलबुले के अंदर दाब की समय पर निर्भरता को सही तरीके से दर्शाने वाला आरेख होगा?
एक द्रव से भरी हुई टंकी की तली पर दाब निर्भर नहीं करता है