सर्ल विधि द्वारा धातु की ऊष्मा चालकता ज्ञात करने के प्रयोग में छड़ में अनुदिश ताप प्रवणता होती है

  • A

    गर्म सिरे के समीप अधिक

  • B

    शीतल सिरे के समीप अधिक

  • C

    सभी बिन्दुओं पर समान

  • D

    गर्म सिरे से शीतल सिरे की ओर अधिक

Similar Questions

ताँबे, पीतल एवं स्टील की तीन छड़ों को $Y-$आकार संरचना में वंल्ड किया गया हैं। प्रत्येक छड़ की अनुप्रस्थ काट का क्षेत्रफल $4\, cm ^{2}$ है। ताँबे की छड़ के सिरे का तापमान $100^{\circ} C$ हैं जबकि पीतल एवं स्टील के सिरे $0^{\circ} C$ तापमान पर रखे गये हैं। ताँबे, पोतल एवं स्टील की छड़ों की लम्बाईयाँ क्रमश: $46, 13$ एवं $12\, cm$ हैं। छड़ों को, उनके सिरों को छोड़कर, वातावरण से ऊष्मीय रोधी किया गया है। ताँबे, पीतल एवं स्टील की ऊष्मा चालकताएँ क्रमश: $0.92,0.26$ एवं $0.12\, CGS$ इकाई हैं। ताँबे को छड़ से प्रवाहित ऊष्मा की दर ....... $cal\, s^{-1}$ है।

  • [JEE MAIN 2014]

एक ही पदार्थ की चार एकसमान छड़ों को एक-दूसरे के सिरों के साथ इस तरह जोड़ दिया गया है कि एक वर्ग बन जाये। यदि वर्ग के एक विकर्ण के सिरों पर तापान्तर $100°C$ है, तो दूसरे विकर्ण के सिरों पर तापान्तर ........ $^oC$ होगा (जहाँ l प्रत्येक छड़ की लम्बाई हे।)

एक ही आकार के दो धात्विक घनों $A$ तथा $B$ को साथ जोड़कर रखा गया है। युग्म के अन्तिम सिरों को चित्र में दर्शाये गये तापमानों पर स्थिर रखा जाता है। यह विन्यास $(Arrangement)$ ऊष्मारोधित $(Thermally\,\, insulated)$ है। धातुओं $A$ तथा $B$ के ऊष्मा चालकता गुणांक क्रमश:  $300\;W/m^\circ C$ तथा $200\;W/m^\circ C$ है, तब स्थायी अवस्था में अन्तरापृष्ठ का तापमान $T $...... $^oC$ है

  • [IIT 1996]

समान विमाओं वाली तीन छड़ें, जिनकी ऊष्मीय चालकताएँ $3K,\,2K$ तथा $K$ हैं, चित्रानुसार व्यवस्थित की गई हैं। इनके सिरे ${100^o}C,\,\,{50^o}C$ तथा ${20^o}C$ पर हैं इनकी सन्धि का ताप ........ $^oC$ है

ताँबा, पारा और काँच के ऊष्मा चालकता गुणांक क्रमश:  ${K_c},\;{K_m}$ और ${K_g}$ हैं तथा ${K_c} > {K_m} > {K_g}$ हैं। यदि प्रत्येक में से प्रति सैकण्ड प्रति एकांक क्षेत्रफल समान ऊष्मा की मात्रा प्रवाहित होती है तथा संगत ताप-प्रवणता ${X_c},\;{X_m}$और ${X_g}$ हैं, तो