परमाणुओं की संरचना को निकालने के लिये रदफफोर्ड प्रकीर्णन प्रयोग में इस्तेमाल किये गये कणों की
परमाणु संख्या $2$ , तथा यह पूर्णतः आयनित थी |
परमाणु संख्या $2$ , तथा यह उदासीन थी ।
परमाणु संख्या $4$ , तथा यह पूर्णतः आयनित थी ।
परमाणु संख्या $4$ , तथा यह उदासीन थी ।
हाइड्रोजन $(H)$, ड्यूटीरियम $(D)$, एकल आयनीकृत हीलियम $(H{e^ + })$ एवं द्विआयनीकृत लीथियम $(L{i^ + })$ सभी के नाभिक के चारों ओर एक इलेक्ट्रॉन है। यदि $n =2$ से $n = 1$ तक के संक्रमण को माना जाये एवं उत्सर्जित विकिरकों की तरंगदैध्र्य ${\lambda _1},\;{\lambda _2},\;{\lambda _3}$ एवं ${\lambda _4}$ हैं तो
मुख्य क्वांटम संख्या $n = 3$ के लिए कक्षीय क्वांटम संख्या $l$ के संभव मान हैं
एक आयनित हीलियम परमाणु में इलेक्ट्रॉन का त्वरण एवं हाइड्रोजन परमाणु में इलेक्ट्रॉन के त्वरण का अनुपात है
हाइड्रोजन परमाणु के प्रथम तथा चतुर्थ ऊर्जा स्तरों के बीच अवशोषण संक्रमणों की संख्या $3$ है। इनके बीच उत्सर्जन संक्रमणों की संख्या होगी
यदि ${90^o}$ कोण पर प्रकीर्णित कण $56$ हों तो ${60^o}$ कोण पर यह होंगे