प्रकाश वैद्युत सेल एक युक्ति है
फोटॉनों को जमा करने की
प्रकाश की तीव्रता मापने की
फोटॉन ऊर्जा को यान्त्रिक ऊर्जा में बदलने की
विद्युतीय ऊर्जा को संचित कर संचायक बैटरियों को प्रतिस्थापित करने की
दो भिन्न आवृतियों के प्रकाश जिनके फोटोन की ऊर्जा क्रमशः $3.8\,eV$ तथा $1.4\,eV$ है, इनको एक धात्विक सतह जिसका कार्य फलन $0.6\,eV$ है, पर क्रमागत रूप से गिराया जाता है। दोनों आवृत्तियों के लिये उत्सर्जित इलेक्ट्रॉनों की अधिकतम चाल का अनुपात होगा -
$50 cm$ दूर रखे किसी बिन्दु स्त्रोत के द्वारा एक सीजियम सेल को प्रदीप्त किया जाता है। इस सेल के सिरों पर $60 V$ का विभवान्तर है। जब वही प्रकाश स्रोत $1m$ दूर रखा जाये तो सेल से उत्सर्जित फोटो इलेक्ट्रॉन
निम्न में से कौन अविभाज्य है
मूल अवस्था में स्थित एक स्थिर हाइड्रोजन परमाणु से एक फोटॉन अप्रत्यास्थ संघट्ट करता है। टकराने वाले फोटॉन की ऊर्जा $10.2\ eV$ है। माइक्रोसैकेण्ड कोटि के समय अन्तराल के पश्चात् इसी हाइड्रोजन परमाणु से दूसरा फोटॉन $15\ eV$ ऊर्जा से अप्रत्यास्थ संघट्ट करता है। संसूचक द्वारा क्या प्रेक्षित किया जायेगा
एक $900\,nm$ तरंगदैर्ध्य एवं $100\,Wm ^{-2}$ तीव्रता वाली एक समानान्तर किरणपुँज, एक सतह पर आपतित होती है, जो कि किरणपुँज के लम्बवत् है। एक सेकेण्ड में किरणपुँज के लम्बवत् $1\,cm ^2$ क्षेत्रफल से गूजरने वाले फोटॉनों की संख्या होगी: