चित्र में, एक मीटर लम्बाई का एकसमान दृढ छड़ $A B$ क्षैतिजतः दो डोरीयों से छड़ के दो छोरों पर बंधे है एवं किसी छत से लटक रहे हैं। छड़ का द्रव्यमान $m$ है तथा छोर $A$ से $75\, cm$ की दूरी पर एक अन्य भार जिसका द्रव्यमान $2\, m$ है लटक रहा है। $A$ पर डोरी में तनाव .......... $mg$ होगा
$2$
$0.5$
$0.75$
$1$
नीचे दिया गया चित्र परिशुद्ध रूप से बेलनाकार एक शैम्पू की बोतल को दर्शाता है. एक साधारण प्रयोग में शैम्पू के अलग-अलग आयतनों से भरी बोतरों के स्थायित्व का अध्ययन किया गया. बोतल को एक तरफ झुकाने के बाद छोड़ दिया जाता है. मान लीजिये कोण $\theta$, उस क्रांतिक कोणीय विस्थापन को दर्शाता है, जिस पर बोतल अपने स्थायित्व को खोकर गिर जाती है. उस रेखा चित्र का चुनाव कीजिए जो शैम्पू से भरे हिससे $f(f=1$, पूर्ण रूप से भरी बोतल का द्योतक है) और क्रांतिक कोणीय विस्थापन $\theta$ के संबन्ध को सही रूप से दर्शाता है.
एक निर्देश तंत्र जो एक जड़त्वीय निर्देश तंत्र की तुलना में त्वरित हो, अजड़त्वीय निर्देश तंत्र कहलाता है। स्थिर कोणीय वेग $\omega$ से घूमती हुई डिस्क पर बद्ध (fixed) निर्देश तंत्र अजड़त्वीय तंत्र का एक उदाहरण है। $m$ द्रव्यमान का एक कण घूमती हुई डिस्क पर गतिमान है। गतिमान कण डिस्क पर बद्ध निर्देश तंत्र के सापेक्ष बल $\vec{F}_{\text {rot }}$ तथा एक जड़त्वीय निर्देश तंत्र के सापेक्ष बल $\vec{F}_{\text {in }}$ को महसूस करता है। $\vec{F}_{\text {rot }}$ और $\vec{F}_{\text {in }}$ के बीच का संबंध निम्नलिखित समीकरण में दिया गया है
$\vec{F}_{\text {rot }}=\vec{F}_{\text {in }}+2 m\left(\vec{v}_{\text {rot }} \times \vec{\omega}\right)+m(\vec{\omega} \times \vec{r}) \times \vec{\omega},$
यहाँ पर $\vec{v}_{\text {rot }}$ घूमते हुए निर्देश तंत्र में कण का वेग है तथा $\vec{r}$ कण का डिस्क के मध्य बिन्दु के सापेक्ष स्थिति सदिश (position vector) है।
मानिए कि $R$ त्रिज्या की एक डिस्क, जिसमें व्यास के समानान्तर एक घर्षणरहित खाँचा है, एक स्थिर कोणीय गति $\omega$ से अपने अक्ष पर वामावर्त दिशा में घूम रही है। एक निर्देश तंत्र मानिए जिसका मूलबिंदू डिस्क के मध्य बिन्दु पर है एवं $x$-अक्ष खाँचे के समानान्तर है, $y$-अक्ष खाँचे के अभिलम्ब पर है एवं $z$-अक्ष घूमने वाली अक्ष के समानान्तर है $(\vec{\omega}=\omega \hat{k}) । m$ द्रव्यमान वाले एक छोटे गुटके को समय $t=0$ पर $\vec{r}=(R / 2) \hat{i}$ बिन्दु पर धीरे से इस तरह से रखा जाता है कि वो सिर्फ खाँचे में ही चल सके।
($1$) समय $t$ पर गुटके की दूरी $r$ का मान है:
$(A)$ $\frac{R}{4}\left(e^{\omega t}+e^{-\omega t}\right)$
$(B)$ $\frac{R}{2} \cos \omega t$
$(C)$ $\frac{R}{4}\left(e^{2 \omega t}+e^{-2 \omega t}\right)$
$(D)$ $\frac{R}{2} \cos 2 \omega t$
($2$) गुटके पर डिस्क की नेट प्रतिक्रिया (net reaction) है:
$(A)$ $\frac{1}{2} m \omega^2 R\left(e^{2 \omega t}-e^{-2 \omega t}\right) \hat{j}+m g \hat{k}$
$(B)$ $\frac{1}{2} m \omega^2 R\left(e^{\omega t}-e^{-\omega t}\right) \hat{j}+m g \hat{k}$
$(C)$ $-m \omega^2 R \cos \omega t \hat{j}-m g \hat{k}$
$(D)$ $m \omega^2 R \sin \omega t \hat{j}-m g \hat{k}$
दिये गए सवाल का जवाब दीजिये ($1$) और ($2$)
चित्र में दर्शाए गुटके पर एक क्षैतिज बल $F$ इस प्रकार लगाया गया है कि गुटका स्थिर अवस्था में ही रहता है तब निम्न में से कौन सा कथन सत्य है
जैसा चित्र में दिखाया गया है, एक खड़ी होने वाली सीढ़ी के दो पक्षों $BA$ और $CA$ की लम्बाई $1.6\, m$ है और इनको $A$ पर कब्ज़ा लगा कर जोड़ा गया है। इन्हें ठीक बीच में, $0.5\, m$ लम्बी रस्सी $DE$ द्वारा बांधा गया है। सीढ़ी $BA$ के अनुदिश $B$ से $1.2\, m$ की दूरी पर स्थित बिन्दु $F$ से $40\, kg$ का एक भार लटकाया गया है। यह मानते हुए कि फर्श घर्षण रहित है और सीढ़ी का भार उपेक्षणीय है, रस्सी में तनाव और सीढ़ी पर फर्श द्वारा लगाया गया बल ज्ञात कीजिए। $\left(g=9.8\, m / s ^{2}\right.$ लीजिए) (संकेत: सीढ़ी के दोनों ओर के संतुलन पर अलग-अलग विचार कीजिए)
त्रिज्या $R$ एवं द्रव्यमान $m$ के एक एक समान खोखले बेलन के चारों तरफ एक द्रव्यमानविहीन डोरी से एक द्रव्यमान $'m'$ अवलंबित हैं। यदि डोरी बेलन पर फिसलती नहीं है, तब छोड़े जाने पर द्रव्यमान किस त्वरण से गिरेगा?