एक झील की सतह पर पानी का ताप ${20^o}C$ है। तब झील में जमी बर्फ के नीचे पानी का ताप ......$^oC$ है
$ - 4$
$0$
$4$
$ - 20$
यदि वायु का ताप $ - {\theta ^o}C$ (हिमांक के नीचे) एवं पानी पर $x$ सेमी. मोटी बर्फ की तह जमी हुई है, जो $t$ समय में $x$ मोटाई से बढ़कर $y$ मोटाई की हो जाती है, तो समय $t$ का मान होगा
(जबकि $r =$ बर्फ का घनत्व, $L =$ बर्फ की गुप्त ऊष्मा, $K =$ बर्फ की ऊष्मा चालकता)
एक ही पदार्थ के बने हुए दो बेलनाकार छड़ों द्वारा ऊष्मा का प्रवाह हो रहा है। छड़ों का व्यास $1 : 2$ के अनुपात में है और उनकी लम्बाई $2 : 1$ के अनुपात में है। यदि दोनों सिरों पर तापान्तर समान है, तब इनमें ऊष्मा प्रवाह की दर होगी
एक समान अनुप्रस्थकाट एवं $3.1$ मीटर लम्बी एक ताम्र छड़ का एक सिरा बर्फ के सम्पर्क में है, एवं दूसरा सिरा $100°C$ वाले जल में रखा है। इसकी लम्बाई के अनुदिश किस बिन्दु पर $200°C$ ताप बनाये रखा जाये, ताकि स्थायी अवस्था में जितनी मात्रा बर्फ की पिघलती है, उतनी ही मात्रा समान समयान्तराल में बनी भाप की हो। यह मानते हुए कि सम्पूर्ण निकाय एवं परिवेश के बीच ऊष्मा का कोई स्थानान्तरण नहीं होता है। बर्फ के गलन की गुप्त ऊष्मा एवं जल के वाष्पन की गुप्त ऊष्मा क्रमश: $80cal/gm$ एवं $540 cal/gm$ है
किसी धातु की ऊष्मा चालकता $CGS$ पद्धति में $0.4$ है। स्थायी अवस्था में यदि $10$ कैलोरी प्रति सैकण्ड प्रति सेमी $ 2$ ऊष्मा का संचार होता है, तो ताप प्रवणता निम्न ....... $^oC/cm$ होगी
सर्ल विधि द्वारा धातु की ऊष्मा चालकता ज्ञात करने के प्रयोग में छड़ में अनुदिश ताप प्रवणता होती है