साबुन के किसी गोलीय बुलबुले के अन्दर तथा बाहर के दाब में अन्तर होता है
$\frac{{2T}}{r}$
$\frac{{4T}}{r}$
$\frac{T}{{2r}}$
$\frac{T}{r}$
दो साबुन के बुलबुलों की त्रिज्याऐं असमान किन्तु पृष्ठ तनाव समान है। सत्य कथन छाँटिए
यदि काँच की दो प्लेटों के बीच में जल की एक पतली परत हो (आरेख देखिये) तो उन प्लेटों को खींचकर अलग करना बहुत कठिन होता है।
इसका कारण यह है कि, जल, किनारों पर सिलिंडरी (बेलनाकार) सतहें बना देता है जिससे वायुमंडल की तुलना में वहाँ दाब कम हो जाता है। यदि इस सिलिंडरी सतह (पृष्ठ) की त्रिज्या $R$ है तथा जल का पृष्ठ तनाव $T$ है तो, दो प्लेटों के बीच जल में दाब कितना कम होगा ?
एक लम्बे बेलनाकार कांच के पात्र की तली में $r$ त्रिज्या का एक छोटा छिद्र है। पानी (पृष्ठ तनाव $T$) से भरी गहरी टंकी में इस पात्र को सीधा जिस गहराई तक डुबाया जा सकता है कि पानी उसमें नहीं घुसे, वह है
जेगर विधि (Jager’s method) में बुलबुले के फूटने के समय
एक $0.7$ सेमी व्यास वाले साबुन के घोल के बुलबुले के अन्दर वायु का दाब, बाहर के दाब से $8$ मिमी पानी के बराबर अधिक है। साबुन के घोल का पृष्ठ तनाव ........ डाइन/सेमी होगा