विद्युत आवेश मूल इलेक्ट्रॉनिक आवेश के पूर्णांक गुणक होते हैं, इस तथ्य को प्रायोगिक रूप से सिद्ध किया था
प्लांक ने
जे.जे. थॉमसन ने
आइन्सटीन ने
मिलिकन ने
कैथोड किरणें, दृष्य प्रकाष किरणों के समान होती हैं क्योंकि
मिलीकन के आवेश ज्ञात करने की विधि में निम्न में से किस नियम का उपयोग होता है ?
थॉमसन प्रयोग द्वारा इलेक्ट्रॉन के लिए $\frac{e}{m}$ ज्ञात करते समय, इलेक्ट्रॉन पुंज के स्थान पर म्युऑनों $(muons)$ (एक प्रकार का कण जिस पर आवेश इलेक्ट्रॉन के बराबर परन्तु द्रव्यमान इलेक्ट्रॉन का $208$ गुना होता है) उपयोग करते हैं। इस स्थिति में शून्य विक्षेप स्थिति होगी यदि
एक इलेक्ट्रॉन प्रारम्भ में विरामावस्था में है, इसे $ 200 V$ के विभवान्तर से त्वरित करने पर इसके द्वारा प्राप्त वेग $8.4 \times {10^6}m/s$ है। इलेक्ट्रॉन का $ e/m$ होगा
एक संकीर्ण इलेक्ट्रॉन पुँज वैद्युत क्षेत्र $E = 3 \times {10^4}volt/m$ और उसी स्थान पर आरोपित चुम्बकीय क्षेत्र $B = 2 \times {10^{ - 3}}Weber/{m^2}$ से अविचलित गुजर जाता है। इलेक्ट्रॉन गति, वैद्युत क्षेत्र एवं चुम्बकीय क्षेत्र तीनों परस्पर लम्बवत् हैं। इलेक्ट्रॉनों की चाल का मान है