थॉमसन के प्रयोग में तीन आवेशित कण जिनके आवेश $1 : 3 : 5$ के अनुपात में हैं, पर्दे के एक ही स्थान को प्रकाशित करते हैं। इनके द्रव्यमानों का अनुपात होगा
$5 : 3 : 1$
$3 : 1 : 5$
$1 : 3 : 5$
$5 : 1 : 3$
थॉमसन के प्रयोग में फोटोग्राफिक प्लेट से टकराने वाले सभी धनात्मक किरणों के लिए $q/m$ का मान समान हो तो पथ का स्वरूप होगा
प्रयोग करते हुए एक दिन मिलीकन ने एक बूँद पर निम्नलिखित आवेश प्रेरित किये
$(i)$ $6.563 \times {10^{ - 19}}C$ $(ii)$ $8.204 \times {10^{ - 19}}C$
$(iii)$ $11.50 \times {10^{ - 19}}C$ $(iv)$ $13.13 \times {10^{ - 19}}C$
$(v)$ $16.48 \times {10^{ - 19}}C$ $(vi)$ $18.09 \times {10^{ - 19}}C$
इन आँकड़ों से मूल आवेश $(e)$ का मान आया
$\frac{e}{m}$ ज्ञात करने के थॉमसन प्रयोग में, $2.5$ $kV$ से त्वरित इलेक्ट्रॉन, अभिलम्बवत् विद्युत तथा चुम्बकीय क्षेत्र जिनकी तीव्रताऐं क्रमश: $3.6 \times {10^4}V{m^{ - 1}}$ व $1.2 \times {10^{ - 3}}T$ हैं, के क्षेत्र में प्रवेश करता है, तथा अविचलित रहता है। इलेक्ट्रॉन के लिए $\frac{e}{m}$ का मापा गया मान होगा
एक कण जिसकी संहति इलेक्ट्रॉन की संहति से $400$ गुना व आवेश इलेक्ट्रॉन के आवेश का दुगना है, $5 V$ विभवान्तर के द्वारा त्वरित किया जाता है। यदि कण प्रारम्भ में स्थिर था, तो उसकी अंतिम गतिज ऊर्जा ........ $ eV$ होगी
कैथोड किरणों में होते हैं