सरल आवर्त गति करती किसी वस्तु का आवर्तकाल $T = {P^a}{D^b}{S^c}$ से प्रकट किया जाता है। यहाँ $P = $दाब, $D = $घनत्व और $S = $पृष्ठ तनाव है, तो $a,\,b,\,c$ के मान होंगे
$ - \frac{3}{2},\,\frac{1}{2},\,1$
$ - 1,\, - 2,\,3$
$\frac{1}{2},\, - \frac{3}{2},\, - \frac{1}{2}$
$1,\,2,\,\frac{1}{3}$
सूची $I$ का सूची $II$ से मिलान करें।
सूची $I$ | सूची $II$ |
$A$. स्प्रिंग नियतांक | $I$.$\left(\mathrm{T}^{-1}\right)$ |
$B$. कोणीय चाल | $II$.$\left(\mathrm{MT}^{-2}\right)$ |
$C$. कोणीय संवेग | $III$.$\left(\mathrm{ML}^2\right)$ |
$D$.जड़त्वाघूर्ण | $IV$. $\left(\mathrm{ML}^2 \mathrm{~T}^{-1}\right)$ |
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनें:
यदि किसी द्रव की बूँद के कम्पन का आवर्तकाल $(T)$, बूंद के पृष्ठ-तनाव $(S)$, त्रिज्या $(r)$ एवं घनत्व $(\rho )$ पर निर्भर करता हो तो आवर्तकाल $(T)$ का व्यंजक है
यदि समय $(t)$, वेग $(v)$, और कोणीय संवेग $(l)$ को मूल मात्रकों के रूप में लिया गया है, तब $t, v$ और $l$ के पदों में द्रव्यमान $( m )$ की विमाएं होंगी।
एक द्रव्यमान $m$ स्प्रिंग से लटका है जिसका स्प्रिंग नियतांक $K$ है। इस द्रव्यमान की आवृत्ति $f$ निम्न सूत्र द्वारा दर्शायी जा रही है $f = C.{m^x}.{K^y}$ यहाँ पर $C$ एक विमाहीन राशि है। $x$ और $y$ के मान होंगें
कोहरे की स्थिति में वह दूरी $d$, जहाँ से सिग्नल स्पष्ट रूप से दिखाई दे, जानने के लिए एक रेलवे इंजीनियर विमीय विश्लेषण का प्रयोग करता है। उसके अनुसार यह दूरी $d$ कोहरे के द्रव्यमान घनत्व $\rho$ सिग्नल के प्रकाश की तीव्रता $S$ (शक्ति/क्षेत्रफल) तथा उसकी आवृत्ति $f$ पर निर्भर है। यदि इंजीनियर $d$ को $S ^{1 / n}$ के समानुपाती पाता है, तब $n$ का मान है :