प्रकाश विद्युत प्रभाव के प्रयोग में आपर्तित फोटॉन
पूर्णत: गायब हो जाते हैं
बढ़ी हुयी आवृत्ति से बाहर आते हैं
घटी हुयी आवृत्ति से बाहर आते हैं
आवृत्ति में परिवर्तन के बिना बाहर आते हैं
फोटोग्राफी के डार्क रूम में प्राय: लाल रंग का प्रकाश रखा जाता है, इसका कारण है
एक लेसर द्वारा $6.0 \times 10^{14}\, Hz$ आवृत्ति का एकवर्णी प्रकाश पैदा किया जाता है। उत्सर्जित शक्ति $2 \times 10^{-3} \,W$ है। स्त्रोत से प्रति सेकेण्ड उत्सर्जित फोटानों की औसत संख्या होगी-
$660 \;nm$ तरंगदैर्घ्य की एक लेज़ लाइट को रेटिना वियोजन को जोड़ने के लिए प्रयोग किया जाता है। यदि $60 \;ms$ चौड़ाई एवं $0.5 \;kW$ शक्ति के लेज़ स्पन्द (pulse) का प्रयोग किया जाये तो उस स्पन्द में फोटॉनों की संख्या लगभग होगी :
[प्लांक नियतांक $h =6.62 \times 10^{-34} \;Js$ ]
विकिरण की द्वैत प्रकृति दर्शायी जाती है