किसी स्प्रिंग को $‘S’$ दूरी तक खींचने पर स्थितिज ऊर्जा $10$ जूल है। इस स्प्रिंग को $‘S’$ दूरी तक और खींचने के लिए आवश्यक कार्य (जूल में) है
$30$
$40$
$10$
$20$
किसीस्प्रिंग की लम्बाई $40 \,mm $ है। $10 \,N$ का बल लगाने से इसकी लम्बाई $ 1$ मिमी बढ़ जाती है। स्प्रिंग को $40$ मिमी खींचने में किया गया कार्य ............... $\mathrm{J}$ होगा
किसी रूक्ष आनत तल पर रखा हुआ $1\, kg$ द्रव्यमान का गुटका किसी $100\, N m ^{-1}$ स्प्रिंग नियतांक वाले स्प्रिंग से दिए गए चित्र के अनुसार जुड़ा है। गुटके को स्प्रिंग की बिना खिंची स्थिति में, विरामावस्था से छोड़ा जाता है। गुटका विरामावस्था में आने से पहले आनत तल पर $10\, cm$ नीचे खिसक जाता है। गुटके और आनत तल के मध्य घर्षण गुणांक ज्ञात कीजिए। मान लीजिए कि स्प्रिंग का द्रव्यमान उपेक्षणीय है और घिरनी घर्षणरहित है।
$m$ द्रव्यमान का एक गुटका, जो प्रारंभ में विरामावस्था में हैं, $h$ ऊँचाई से स्प्रिंग नियतांक $k$ वाली स्प्रिंग पर गिराया जाता है। यदि स्प्रिंग में अधिकतम संपीडन $x$ उत्पन होता है, तब
एक चिकने क्षैतिज तल पर $1.5$ मी/ सै के वेग से गतिशील $0.5kg$ द्रव्यमान की एक वस्तु लगभग भारहीन स्प्रिंग, जिसका स्प्रिंग नियतांक $k = 50\;N/m$ है, से टकराती है। स्प्रिंग का अधिकतम संपीड़न ............. $\mathrm{m}$ होगा
यदि एक लम्बी स्प्रिंग को $0.02 \,m$ खींचा जाता है, तो इसकी स्थितिज ऊर्जा $U$ हो जाती है। यदि इसे $0.1\, m $ तक खींचा जाये तो स्थितिज ऊर्जा होगी