$1.0 \times {10^{14}}Hz$ आवृत्ति का एक विद्युत चुम्बकीय विकिरण, स्पेक्ट्रम के अवरक्त भाग में है। इसके एक फोटॉन की ऊर्जा जूल में होगी
$6.62 \times {10^{ - 48}}$
$6.62 \times {10^{ - 20}}$
$\frac{{6.62}}{3} \times {10^{ - 28}}$
$3 \times 6.62 \times {10^{ - 28}}$
अंतरिक्षयान में एक दिन, पृथ्वी के दो दिनों के तुल्य है। पृथ्वी के सापेक्ष अंतरिक्षयान की चाल होगी
एक लेसर द्वारा $6.0 \times 10^{14}\, Hz$ आवृत्ति का एकवर्णी प्रकाश पैदा किया जाता है। उत्सर्जित शक्ति $2 \times 10^{-3} \,W$ है। स्त्रोत से प्रति सेकेण्ड उत्सर्जित फोटानों की औसत संख्या होगी-
$6eV$ ऊर्जा के फोटॉन, $4eV$ कार्यफलन के धात्विक पृष्ठ पर आपतित होते हैं। उत्सर्जित फोटो-इलेक्ट्रॉनों की न्यूनतम गतिज ऊर्जा ............. $eV$ होगी
एक इलेक्ट्रॉन और एक फ़ोटॉन प्रत्येक का तरंगदैर्घ्य $1.00\, nm$ है।
$(a)$ इनका संवेग,
$(b)$ फोटॉन की उर्जा, और
$(c)$ इलेक्ट्रॉन की गतिज ऊर्जा ज्ञात कीजिए।