समान त्रिज्या के दो धातु के गोलाकार हैं, परन्तु एक ठोस एवं दूसरा खोखला है, तो
ठोस गोलाकार को अधिक आवेश दिया जा सकता है
खोखले गोलाकार को अधिक आवेश दिया जा सकता है
दोनों को समान अधिकतम आवेश दिया जा सकता है
उपरोक्त में से कोई नहीं
$3 ×10 ^{-6}\, C$ एवं $8 ×10 ^{-6} \, C$ के दो बिन्दु आवेश एक दूसरे को $ 6 ×10^{-6}\, N$ के बल से प्रतिकर्षित करते हैं। यदि प्रत्येक को $-6 ×10 ^{-6}\, C$ का अतिरिक्त आवेश दे दिया जाये तो इनके मध्य बल होगा
तीन आवेश ‘$a$’ भुजा वाले समबाहु त्रिभुज के शीर्षों पर रखे हैं। शीर्ष $A$ पर रखे आवेश द्वारा अनुभव किया गया बल $BC$ के लम्बवत् दिशा में होगा
दो आवेश एक दूसरे से $‘d’$ दूरी पर है। यदि दोनों के मध्य $\frac{d}{2}$ मोटाई की तांबे की प्लेट रख दें तो प्रभावी बल होगा
दो समान आवेश $Q$ परस्पर कुछ दूरी पर रखे हैं इनको मिलाने वाली रेखा के केन्द्र पर $q$ आवेश रखा गया है। तीनों आवेशों का निकाय सन्तुलन में होगा यदि $q$ का मान हो
दो बिन्दु आवेश $ + 3\,\mu C$ एवं $ + 8\,\mu C$ एक दूसरे को $40\,N$ के बल से प्रतिकर्षित करते हैं। यदि $ - 5\,\mu C$ का आवेश प्रत्येक में और जोड़ दिया जाये तो इनके मध्य लगने वाला बल ........$N$ हो जायेगा