दो कण जिनके द्रव्यमान $m$ तथा आवेश $q$ है, एक दूसरे से $16$ सेमी. दूर हैं। यदि वे कोई बल अनुभव न करें तो $\frac{q}{m}$ का मान होगा
Zero
$\sqrt {\frac{{\pi {\varepsilon _0}}}{G}} $
$\sqrt {\frac{G}{{4\pi {\varepsilon _0}}}} $
$\sqrt {4\pi {\varepsilon _0}G} $
आवेशित गोलीय संधारित्र के दो गोलों के मध्य विद्युत क्षेत्र का परिणाम
तीन आवेशों $q_{1}, q_{2}, q_{3}$ पर विचार कीजिए जिनमें प्रत्येक $q$ के बराबर है तथा $l$ भुजा वाले समबाहु त्रिभुज के शीर्षों पर स्थित है। त्रिभुज के केंद्रक पर चित्र में दर्शाए अनुसार स्थित आवेश $Q$ (जो $q$ का सजातीय ) पर कितना परिणामी बल लग रहा है?
समान रूप से आवेशित दो एक समान गेंदें एक दूसरे से कुछ दूरी पर स्थित हैं एवं इनके मध्य एक निश्चित बल कार्यरत् है यदि इन्हें सम्पर्क में लाकर पुन: एक दूसरे से पहले की तुलना में आधी दूरी पर रख दें तो इनके मध्य बल पहले की तुलना में $4.5$ गुना हो जाता है। गेंदों के प्रारम्भिक आवेशों का अनुपात होगा
अनंत बिन्दु आवेशों, जिनमें प्रत्येक पर $1\, \mu \,C$ का आवेश है। को $y$-अक्ष के अनुदिश $y =1 \,m , 2\,m$, $4\, m , 8\, m \ldots$ रखा गया है। मूलबिन्दु पर रखे $1\, C$ बिन्दु आवेश पर लगने वाला कुल बल $x\, \times 10^{3}\, N$ है। यहाँ $x$ का मान निकटतम पूर्णांक $......$ होगा। $\left[\frac{1}{4 \pi \epsilon_{0}}=9 \times 10^{9} \,N\,m ^{2} / C ^{2}\right.$ लीजिए । $]$
$ABC$ एक समकोण त्रिभुज है, जिसमें $AB = 3\,$ सेमी तथा $BC = 4$ सेमी है। बिन्दु $A$, $B$ और $C$ पर क्रमश: $ + 15,\; + 12$ और $ - 20\,$ स्थिर वैद्युत मात्रक (esu) के आवेश स्थित हैं। बिन्दु $B$ पर स्थित आवेश पर लगने वाला बल.......डायन होगा