दो स्पंदन (pulses) एक तनी हुयी डोरी में एक दूसरे की ओर $2.5cm/s$ की चाल से चलते हैं प्रारम्भ में इनके मध्य की दूरी $10cm$ है। दो सैकण्ड पश्चात् डोरी की अवस्था क्या होगी
किसी एकसमान तार का प्रति एकांक लम्बाई द्रव्यमान $0.135\; g / cm$ है। इस तार में कोई अनुप्रस्थ तरंग उत्पन्न होती है जिसका निरूपण समीकरण $y =-0.21 \sin ( x +30 t )$ द्वारा किया गया है, यहाँ $x$ मीटर में तथा $t$ सेकण्ड में है। तार मे तनाव का अपेक्षित मान $x \times 10^{-2} \;N$ है। $x$ का मान $\dots$ होगा। (निकटतम संभावित पूर्णांक तक)
$8.0 \times 10^{-3} \,kg m ^{-1}$ रैखिक द्रव्यमान घनत्व की किसी लंबी डोरी का एक सिरा $256\, Hz$ आवृत्ति के विध्यूत चालित स्वरित्र द्विभुज से जुड़ा है । डोरी का दूसरा सिरा किसी स्थिर घिरनी के ऊपर गुजरता हुआ किसी तुला के पलड़े से बँधा है जिस पर $90\, kg$ के बाट लटके हैं। घिरनी वाला सिरा सारी आवक कर्जा को अवशोषित कर लेता है जिसके कारण इस सिरे से परावर्तित तरंगों का आयाम नगण्य होता है । $t=0$ पर डोरी के बाएँ सिरे ( द्विभुज वाले सिरे) $x=0$ पर अनुप्रस्थ विस्थापन शून्य है ( $y=0$ ) तथा वह $y$ की धनात्मक दिशा के अनुदिश गतिशील है । तरंग का आयाम $5.0 \,cm$ है । डोरी पर इस तरंग का वर्णन करने वाले अनुप्रस्थ विस्थापन $y$ को $x$ तथा $t$ के फलन के रूप में लिखिए
दो दृढ़ टेकों के बीच तानित तार अपनी मूल विधा में $45 \,Hz$ आवृत्ति से कंपन करता है। इस तार का द्रव्यमान $3.5 \times 10^{-2} \;kg$ तथा रैखिक द्रव्यमान घनत्व $4.0 \times 10^{-2} \;kg m ^{-1} .$ है ।
$(a)$ तार पर अनुप्रस्थ तरंग की चाल क्या है, तथा
$(b)$ तार में तनाव कितना है ?
एक एकसमान पतली रस्सी जिसकी लम्बाई $12\, m$ और द्रव्यमान $6\, kg$ है ऊर्ध्वाधर लटकी हुई है और इसके निचले सिरे पर $2\, kg$ द्रव्यमान का एक खण्ड लटका हुआ है। इसके निचले सिरे पर $6\, cm$ तरंगदैर्ध्य की एक अनुप्रस्थ तरंगावलि (wavetrain) बनायी जाती है। जब यह रस्सी के ऊपरी छोर पर पहुँचेगी तो इस तरंगावलि का तरंगदैर्ध्य $( cm$ में) होगा।
$2.50 \,kg$ द्रव्यमान की $20\, cm$ लंबी तानित डोरी पर $200\, N$ बल का तनाव है । यदि इस डोरी के एक सिरे को अनुप्रस्थ झटका दिया जाए तो उत्पन्न विक्षोभ कितने समय में दूसरे सिरे तक पहुँचेगा ?