दो समरूपी आयताकार गुटकों को दर्शाये चित्रानुसार दो विन्यासों $I$ और $II$ में व्यवस्थित किया गया है। गुटकों की ऊष्मा चालकता $k$ व $2 k$ है। दोंनो विन्यासों में $x$-अक्ष के दोंनो छोरों पर तापमान का अन्तर समान है। विन्यास $I$ में, ऊष्मा की एक निश्चित मात्रा गरम छोर से ठण्डे छोर तक अभिगमन में $9 s$ लेती है। विन्यास $II$ में, समान मात्रा की ऊष्मा के अभिगमन के लिए समय है :

223947-q

  • [IIT 2013]
  • A

    $2.0 \ s$

  • B

    $3.0 \ s$

  • C

    $4.5 \ s$

  • D

    $6.0 \ s$

Similar Questions

$60\,cm \times 50\,cm \times 20\,cm$ विमाओं वाला एक बर्फ का घनाकार टुकड़ा, $1\,cm$ मोटाई की दीवारों वाले एक कुचालक डिब्बे में रखा है। डिब्बे ने बर्फ को $0^{\circ}\,C$ तापमान पर रखा हुआ है, जिसको कमरे के तापमान $40^{\circ}\,C$ पर लाया जाता है। बर्फ के पिघलने की दर का सन्निकट मान होगा (बर्फ के संगलन की गुप्त ऊष्मा $3.4 \times 10^5\,J\,kg ^{-1}$ है, और कुचालक दीवार की ऊष्माय चालकता $0.05 Wm ^{-1 \circ} C ^{-1}$ ) है

  • [JEE MAIN 2022]

समान लम्बाई तथा समान अनुप्रस्थ काट की दो छड़ें लम्बाई के अनुदिश जुड़ी हैं। प्रथम तथा द्वितीय छड़ों की ऊष्मीय चालकताऐं ${K_1}$ तथा ${K_2}$ हैं तथा प्रथम तथा द्वितीय छड़ों के मुक्त सिरों के ताप क्रमश: ${\theta _1}$ व ${\theta _2}$ हैं, तो उभयनिष्ठ सन्धि का ताप होगा

$r _{1}$ तथा $r _{2}$ त्रिज्याओं $\left( r _{1}\,<\, r _{2}\right)$ के दो पतले धातुत्वीय गोलीय कोशों को संपातित केन्द्रों के साथ रखा जाता है। दोनों कोशों के मध्य का भाग उष्मीय चालकता $K$ के पदार्थ से भरा है। आन्तरिंक कोश को ताप $\theta_{1}$ तथा बाहय कोश को ताप $\theta_{2}$ (जहाँ $\theta_{1}\,<\,\theta_{2}$ ) पर पोषित किया जाता है। पदार्थ से त्रिज्यीय प्रवाहित उष्मा की दर होती है।

  • [JEE MAIN 2021]

एकसमान अनुप्रस्थ काट वाली तीन छड़ों को चित्रानुसार जोड़ा गया है। प्रत्येक छड़ की लम्बाई समान है। बाँये एवं दाँये सिरों को क्रमश: ${0^o}C$ एवं ${90^o}C$ पर रखा गया है। तीनों छड़ों की सन्धि-स्थल का ताप ...... $^oC$ होगा

  • [IIT 2001]

खाना पकाने के बर्तन के लिए सबसे उपयुक्त वह होगा जिसके लिये