$1.5 \times {10^{13}}Hz$ आवृत्ति वाले फोटॉन का संवेग होगा
$3.3 \times {10^{ - 29}}kg\;m/s$
$3.3 \times {10^{ - 34}}kg\;m/s$
$6.6 \times {10^{ - 34}}kg\;m/s$
$6.6 \times {10^{ - 30}}kg\;m/s$
मूल अवस्था में स्थित एक स्थिर हाइड्रोजन परमाणु से एक फोटॉन अप्रत्यास्थ संघट्ट करता है। टकराने वाले फोटॉन की ऊर्जा $10.2\ eV$ है। माइक्रोसैकेण्ड कोटि के समय अन्तराल के पश्चात् इसी हाइड्रोजन परमाणु से दूसरा फोटॉन $15\ eV$ ऊर्जा से अप्रत्यास्थ संघट्ट करता है। संसूचक द्वारा क्या प्रेक्षित किया जायेगा
एक कण विराम द्रव्यमान शून्य और ऊर्जा एवं संवेग अशून्य हैं। इसकी गति होगी
फोटोनों की दो धाराएँ, जिनकी ऊर्जाएँ, धातु के कार्यफलन की क्रमशः पाँच गुना एवं दस गुना हैं, उस धातु के तल पर आपतित होती हैं। दोनों परिस्थितियों में क्रमशः उत्सर्जित होने वाले फोटो इलेक्ट्रॉनों के अधिकतम वेगों का अनुपात होगा
अंतरिक्षयान में एक दिन, पृथ्वी के दो दिनों के तुल्य है। पृथ्वी के सापेक्ष अंतरिक्षयान की चाल होगी