एक गतिशील कण की कितनी प्रतिशत गतिज ऊर्जा एक स्थिर कण की ओर स्थानान्तरित हो जाऐगी जब वह इसके $........\%$ गुना द्रव्यमान वाले स्थिर कण से टकराएगा ? (टक्कर को सम्मुख प्रत्यास्थ टक्कर माने)
$50$
$66.6$
$55.5$
$33.3$
$v$ वेग से गतिशील $10$ ग्राम की एक गोली स्थिर लोलक के गोलक से सम्मुख टकराती है तथा $100$ मी/से वेग से प्रतिक्षेप करती है। लोलक की लम्बाई $0.5$ मी तथा लोलक का द्रव्यमान $1$ किग्रा है। $v=......$ मी/से के न्यूनतम मान पर लोलक पूर्ण वत्त घूमता है। (मान लीजिए डोरी अवितान्य है तथा $g=10$ मी/से $^{2}$ है)
एक $m$ द्रव्यमान का गोलक $I_1$ लम्बाई की डोरी से लटका हुआ है। इसे एक वेग दिया जाता है जो कि ऊर्ध्वाधर तल में एक वृत्त पूरा कराने के लिए न्यूनतम् है। अपने उच्चतम् बिन्दु पर यह गोलक दूसरे $m$ द्रव्यमान के गोलक से प्रत्यास्थ संघटट् करता है। दूसरा गोलक $I_2$ लम्बाई की डोरी से लटका हुआ है तथा प्रारंभ में विरामावस्था पर है। दोनों डोरियों द्रव्यमान रहित व अवितान्य हैं यदि संघटट के बाद दूसरे गोलक को ऐसी गति प्राप्त होती हैं जो कि ऊर्ध्वाधर तल में पूर्ण वृत्त पूरा करने के लिए न्यूनतम है, तब $\frac{ I _1}{ I _2}$ का अनुपात है :
नियत वेग $v$ से गतिशील $m$ द्रव्यमान का एक पिण्ड उसी द्रव्यमान के एक अन्य पिण्ड से, जो उसी वेग $v$ से विपरीत दिशा में गतिशील है, टकराता है एवं इससे चिपक जाता है, तो टक्कर के पश्चात् संयुक्त निकाय का वेग होगा
रेखीय संवेग के संरक्षण का सिद्धान्त उसी स्थिति में लागू होता है जब दो टकराने वाले कणों में टक्कर का समय
$5$ मीटर की ऊँचाई से एक रबर की गेंद को एक ग्रह की सतह पर गिराया जाता है, जहाँ गुरुत्वीय त्वरण ज्ञात नहीं है। उछलने के पश्चात् यह $1.8$ मीटर तक ऊपर जाती है। उछलने पर गेंद किस गुणांक से अपना वेग खो देती है