$20 \,kg$ द्रव्यमान की एक $3\, m$ लंबी सीढ़ी एक घर्षणविहीन दीवार के साथ झुका कर टिकाई गई है। जैसा चित्र में दर्शाया गया है, इसका निचला सिरा फर्श पर दीवार से $1\, m$ की दूरी पर है। दीवार और फर्श के प्रतिक्रिया बल ज्ञात कीजिए।
The ladder AB is 3 m long, its foot $A$ is at distance $A C=1$ m from the wall. From Pythagoras theorem, $BC =2 \sqrt{2}$ m. The forces on the ladder are its weight W acting at its centre of gravity D. reaction forces $F_{1}$ and $F_{2}$ of the wall and the floor respectively. Force $F_{1}$, 1 s perpendicular to the wall, since the wail is frictionless. Force $F_{2}$ is resolved into two components, the normal reaction $N$ and the force of friction $F$. Note that $F$ prevents the ladder from sliding away from the wall and is therefore directed toward the wall.
For translational equilibrium, taking the forces in the vertical direction. $N-W=0$
Taking the forces in the horizontal direction.
$F-F_{1}=0$
For rotational equilibrium, taking the moments of the forces about $A$
$2 \sqrt{2} F_{1}-(1 / 2) W=0$
Now $\quad W=20 g =20 \times 9.8 N =196.0 N$
$N=196.0 N$
$F_{1}=W / 4 \sqrt{2}=196.0 / 4 \sqrt{2}=34.6 N$
$F=F_{1}=34.6 N$
$F_{2}=\sqrt{F^{2}+N^{2}}=199.0 N$
The force $F_{2}$ makes an angle $\alpha$ with the horizontal.
$\tan \alpha=N / F=4 \sqrt{2}, \quad \alpha=\tan ^{-1}(4 \sqrt{2}) \approx 80^{\circ}$
एक घर्षणहीन बेयरिंग पर एक घिरनी कें चारों ओर एक डोंरी को लपेट कर द्रव्यमान $m$ लटकाया गया हैं। घिरनी का द्रव्यमान $m$ और त्रिज्या $R$ है। यह मान लें कि घिरनी एक पूर्ण एक समान वृत्तीय चकती है। यदि डोरी घिरनी पर फिसलती नहीं है, तब द्रव्यमान $m$ का त्वरण है।
चित्रानुसार $R$ त्रिज्या के दो गोलक जिनके द्रव्यमान $m_1$ और $m_2$ है, $L$ लंबाई के दो रस्सियों से लटके हुए हैं $(R < < L)$ । उध्र्व के परिपेक्ष्य में $m_2$ जो $\theta$ कोण बनाती है, उसका मान निम्न होगा
$A B C$ एक समबाहु त्रिभुज है, जिसका केन्द्र $O$ है। $\vec{F}_{1}, \vec{F}_{2}$ तथा $\vec{F}_{3}$ क्रमशः $A B, B C$ तथा $A C$ दिशा में लगे बल हैं। यदि $O$ के परितः कुल बल-आघूर्ण (टॉक) शून्य हो तो, $\vec{F}_{3}$ का मान होगा
$\ell$ लम्बाई और $m$ द्रव्यमान वाली एक छड़ $A$ के परित : ऊर्ध्वाधर समतल में घूर्णन करने के लिए मुक्त है। यह छड़ जो आरंभिक रूप से क्षैतिज स्थिति में है छोड़ दी गयी। छड़ का आरंभिक कोणीय त्वरण है $( A$ के परित : छड़ का जड़त्व आघूर्ण है $\frac{ m \ell^{2}}{3}$ ):
एक एकसमान छड़ $AB$ को चित्रानुसार बिन्दु $X$, जो कि $A$ से $x$ दूरी पर है, से लटकाया जाता है। इस छड़ को क्षैतिज रखने के लिये उसके सिरे $A$ से एक द्रव्यमान $m$ को लटकाते है। इस तरह $( m , x)$ मानों का एक समूह प्राप्त होता है। इस समूह से उचित चर, जिनको आलोखित करने से एक सीधी रेखा प्राप्त हो, होंगे