$0°C$ पर स्थित $5$ ग्राम बर्फ को $40°C$ ताप पर $20$ ग्राम जल से भरे बीकर में गिरा दिया जाता है। मिश्रण का अन्तिम ताप ........ $^oC$ होगा
$32$
$16$
$8$
$24$
$0°C$ पर स्थित $1\, kg$ बर्फ को $80°C$ पर स्थित $1\, kg$ जल में मिलाया जाता है। मिश्रण का अन्तिम ताप........ $^oC$ होगा
(दिया है : जल की विशिष्ट ऊष्मा $ = 4200\,J\,k{g^{ - 1}}\,{K^{ - 1}}$, बर्फ की गुप्त ऊष्मा $ = 336\,kJ\,k{g^{ - 1}})$
यदि द्रव्यमान ऊर्जा समतुल्यता को ध्यान में रखा जाये तो जब बर्फ पिघलती है तो पानी का द्रव्यमान
किसी प्रयोग में किसी ऊष्मक (हीटर) द्वारा एकसमान दर पर ऊष्मा देने पर, एक पात्र में रखे जल का ताप $0^{\circ} C$ से $100^{\circ} C$ तक बढ़ाने के लिये $10$ मिनट का समय लगता है। इसी द्रव को पूर्णतः वाष्प में रूपान्तरित करने में $55$ मिनट और लगते हैं। पात्र की विशिष्ट ऊष्मा को नगण्य तथा जल की विशिष्ट ऊष्मा को $1 \; cal / g ^{\circ} C$ लेते हुए, इस प्रयोग के अनुसार वाष्पन की ऊष्मा का मान होगा :
$25°C$ पर स्थित $300\, gm$ जल को $0°C$ पर स्थित $100\, gm$ बर्फ में मिलाया जाता है। मिश्रण का अन्तिम ताप........ $^oC$ होगा
एक सीसे की गोली किसी ठोस वस्तु में घुसती है तथा पिघल जाती है। यदि इसकी गतिज ऊर्जा का $40 \%$ गोली की ऊष्मा के रुप में प्रयुक्त होता है तो गोली की प्रारम्भिक चाल $............ ms ^{-1}$ होगी:-
(गोली का प्रारम्भिक ताप $=127^{\circ}\,C$
गोली का गलनांक $=327^{\circ}\,C$,
सीसे की संगलन की गुप्त ऊष्मा $=2.5 \times 10^4 \,J\,Kg ^{-1}$,
सीसे की विशिप्ट ऊष्मा धारिता $=125\,J / kg\,K$ )