$5\, kg$ द्रव्यमान की एक वस्तु $10 \,m/s$ के वेग से विराम में रखी $20\, kg $ की एक अन्य वस्तु से टकराती है तथा विराम में आ जाती है। संघट्ट के कारण दूसरी वस्तु का वेग ........... मी/सैकण्ड होगा

  • A

    $2.5$

  • B

    $5$

  • C

    $7.5 $

  • D

    $10$

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$M$ द्रव्यमान की एक बड़ी गेंद जो कि $u$ वेग से गतिमान है, विराम में स्थित $m$ द्रव्यमान की एक अन्य छोटी गेंद से टकराती है। अन्त में छोटी गेंद का वेग $u$ तथा बड़ी गेंद का वेग $v$ हो जाता है। तो $v $ का मान है

एक $M$ द्रव्यमान की वस्तु $V _{0}$ चाल पर एक स्थिर द्रव्यमान $'m'$ से प्रत्यास्थ रूप से टकराती है। टक्कर के बाद दोनों द्रव्यमान $M$ के प्रारम्भिक दिशा से $\theta_{1}$ तथा $\theta_{2}$ कोणों पर गति करते है। अनुपात $M / m$ का अधिकतम मान, जिसके लिए कोण $\theta_{1}$ तथा $\theta_{2}$ बराबर होंगे, होता है।

  • [JEE MAIN 2021]

$10 \,kg$ द्रव्यमान की कोई गेंद जो, $10 \sqrt{3} \,ms ^{-1}$ के वेग से, $X$-अक्ष के अनुदिश गतिमान है, विराम में रखी $20 \,kg$ द्रव्यमान की गेंद से संघट्ट करता है। संघट्ट के बाद, प्रथम गेंद विराम में आ जाती है और दूसरी गेंद दो समान टुकड़ों में टूट जाती है। एक टुकड़ा, $Y$-अक्ष के अनुदिश $10\, m / s$ की चाल से चलना प्रारम्भ करता है। दूसरा टुकड़ा $X$-अक्ष के सापेक्ष $\theta$ कोण (डिग्री में) बनाते हुए $20\, m / s$ की चाल से गति आरम्भ करता है। संघट्ट के पश्चात् टुकडों के विन्यास को चित्र में दिखाया गया है। $\theta$ का मान निकटतम पूर्णांक में $........$ होगा।

  • [JEE MAIN 2021]

एक भारी, खोखली और सीधी नलिका के अक्ष की दिशा में एक $III$ द्रव्यमान का छोटा कण गतिशील है और वह नलिका के दोनों सिरों से प्रत्यास्थी संघट्ट (elastic collision) करता है। नलिका की सतह पर कोई घर्षण नही है और इसका एक सिरा एक समतल सतह से बंद है जबकि दूसरे सिरे पर एक समतल सतह वाला भारी चलायमान पिस्टन है जैसा कि चित्र में दर्शाया गया है। जब पिस्टन बंद सिरे से $L = L _0$ की दूरी पर है तब कण की गति $v = v _0$ है। पिस्टर को अंदर की ओर बहुत कम गति $V \ll \frac{ dL }{ L } v _0$ से चलाते है, जहाँ $dL$ पिस्टन का अतिसूक्ष्म (infinitesimal) विस्थापन है। निम्नलिखित कथनों में से कौनसा/कौनसे सही है( हैं) ?

$(1)$ कण के पिस्टन से टकराने की दर $v/L$ है।

$(2)$ पिस्टन से प्रत्येक संघट्ट के बाद कण की गति $2 V$ से बढ़ जाती है।

$(3)$ जब पिस्टन $L _0$ से $\frac{1}{2} L _0$ तक जाता है तब कण की गतिज ऊर्जा $4$ गुना अधिक हो जाती है।

$(4)$ यदि पिस्टन अंदर की तरफ $dL$ दूरी चलता है तब कण की गति $2 v \frac{ dL }{ L }$ से बढ़ जाती है।

  • [IIT 2019]

दो पिण्डों के प्रत्यास्थ संघट्ट में निम्नलिखित राशि संरक्षित रहती है