$10 \,kg$ द्रव्यमान की कोई गेंद जो, $10 \sqrt{3} \,ms ^{-1}$ के वेग से, $X$-अक्ष के अनुदिश गतिमान है, विराम में रखी $20 \,kg$ द्रव्यमान की गेंद से संघट्ट करता है। संघट्ट के बाद, प्रथम गेंद विराम में आ जाती है और दूसरी गेंद दो समान टुकड़ों में टूट जाती है। एक टुकड़ा, $Y$-अक्ष के अनुदिश $10\, m / s$ की चाल से चलना प्रारम्भ करता है। दूसरा टुकड़ा $X$-अक्ष के सापेक्ष $\theta$ कोण (डिग्री में) बनाते हुए $20\, m / s$ की चाल से गति आरम्भ करता है। संघट्ट के पश्चात् टुकडों के विन्यास को चित्र में दिखाया गया है। $\theta$ का मान निकटतम पूर्णांक में $........$ होगा।

981-570

  • [JEE MAIN 2021]
  • A

    $60$

  • B

    $30$

  • C

    $45$

  • D

    $90$

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अचर वेग $u$ से गतिमान $m$ द्रव्यमान का एक गोला उसी द्रव्यमान के स्थिर गोले से टकराता है। यदि प्रत्यावस्थान गुणांक $e$ हो, तो  टक्कर के पश्चात दोनों गोलों के वेगों का अनुपात होगा

दो कण $A$ तथा $B$ स्थिर वेग क्रमश: $\overrightarrow{ v }_{1}$ तथा $\overrightarrow{ v }_{2}$ से गति कर रहे है । प्रारंभिक क्षण में उनके सदिश क्रमश $\overrightarrow{ r }$ तथा $\overrightarrow{ r }_{2}$ हैं तो, $A$ तथा $B$ के संघट्ट होने के लिये शार्त है

  • [AIPMT 2015]

$v$ वेग से गतिशील $10$ ग्राम की एक गोली स्थिर लोलक के गोलक से सम्मुख टकराती है तथा $100$ मी/से वेग से प्रतिक्षेप करती है। लोलक की लम्बाई $0.5$ मी तथा लोलक का द्रव्यमान $1$ किग्रा है। $v=......$ मी/से के न्यूनतम मान पर लोलक पूर्ण वत्त घूमता है। (मान लीजिए डोरी अवितान्य है तथा $g=10$ मी/से $^{2}$ है)

  • [JEE MAIN 2021]

एक संघट्ट में जो राशियाँ नियत रहती हैं, वह है

एक कण $P, v$ चाल से चलते हुये विराम में स्थित समान द्रव्यमान के एक अन्य कण$Q$ से प्रत्यक्ष प्रत्यास्थ संघट्ट करता है। संघट्ट के पश्चात्