एक चालक पर $14.4 \times {10^{ - 19}}$ कूलॉम का धन आवेश है। चालक पर (दिया है : इलेक्ट्रॉन पर आवेश $ = 1.6 \times {10^{ - 19}}$ कूलॉम)
$9$ इलेक्ट्रॉन अधिक होंगे
$27$ इलेक्ट्रॉन कम होंगे
$27$ इलेक्ट्रॉन अधिक होंगे
$9$ इलेक्ट्रॉन कम होंगे
किसी पिण्ड पर $ - 80\mu C$ आवेश है। इस पर अतिरिक्त इलेक्ट्रॉनों की संख्या है
अब ऐसा विश्वास किया जाता है कि स्वयं प्रोटोन एवं न्यूट्रॉन ( जो सामान्य द्रव्य के नाभिकों का निर्माण करते हैं) और अधिक मूल इकाइयों जिन्हें कवार्क कहते हैं, के बने हैं। प्रत्येक प्रोटोन तथा न्युट्रोन तीन कवाकों से मिलकर बनता है। दो प्रकार के कवार्क होते हैं : 'अप' कवार्क ( $u$ द्वार निर्दिष्ट) जिन पर $+(2 / 3) e$ आवेश तथा 'डाउन' कवार्क ( $d$ द्वारा निर्दिष्ट) जिन पर $(-1 / 3)$ आवेश होता है, इलेक्ट्रॉन से मिलकर सामान्य द्रब्य बनाते हैं। (कुछ अन्य प्रकार के कवार्क भी पाए गए हैं जो भिन्न असामान्य प्रकार का द्रव्य बनाते हैं।) प्रोटॉन तथा न्यूट्रोन के संभावित कवार्क संघटन सुझाइए।
किसी पिण्ड को ऋणावेशित किया जा सकता है
ऊन से रगड़े जाने पर कोई पॉलीथीन का टुकड़ा $3 \times 10^{-7} C$ के ऋणावेश से आवेशित पाया गया।
$(a)$ स्थानांतरित (किस पदार्थ से किस पदार्थ में) इलेक्ट्रोंनों की संख्या आकलित कीजिए।
$(b)$ क्या ऊन से पॉलीथीन में संहति का स्थानांतरण भी होता है?
जब किसी वस्तु को पृथ्वी से जोड़ा जाये तो पृथ्वी से वस्तु की ओर इलेक्ट्रॉन का प्रवाह होता है। इसका तात्पर्य है कि वस्तु