एक दीवार संपर्क में रखी दो सतहों $A$ तथा $B$ से बनी है। $A$ व $B$ दोनों अलग-अलग पदार्थ की हैं। उनकी मोटाईयाँ समान परन्तु $A$ की ऊष्मा चालकता $B$ की दुगनी है। ताप की स्थाई अवस्था में दीवार के सिरों का तापान्तर $60K$ हो तब सतह $A$ के सिरों पर तापान्तर ....... $K$ होगा

  • A

    $10$

  • B

    $20$

  • C

    $30$

  • D

    $40$

Similar Questions

यदि दो समान मोटाइयों की तथा ${K_1}$ व ${K_2}$ ऊष्मा चालकताओं की धातु के प्लेटों को जोड़कर एक संयुक्त प्लेट बनाई जाये, तो इस प्लेट की तुल्य ऊष्मा चालकता होगी

  • [JEE MAIN 2021]

$R$ त्रिज्या के बेलनाकार छड़ के पदार्थ का ऊष्मा चालकता गुणांक ${K_1}$ है। इसे एक अन्य ${K_2}$ ऊष्मा चालकता गुणांक के भीतर बेलनाकार खोल में रखा गया है, इसकी आन्तरिक त्रिज्या  $R$ और बाह्य त्रिज्या $2R$ है। दोनों बेलनों के सिरों को (संयुक्त रूप से) विभिन्न तापों पर रखा गया है, उनके पृष्ठों से ऊष्मा हानि नहीं होती है और निकाय स्थायी अवस्था में है, तो निकाय की संयुक्त ऊष्मा चालकता होगी

  • [IIT 1988]

ताँबा, पारा और काँच के ऊष्मा चालकता गुणांक क्रमश:  ${K_c},\;{K_m}$ और ${K_g}$ हैं तथा ${K_c} > {K_m} > {K_g}$ हैं। यदि प्रत्येक में से प्रति सैकण्ड प्रति एकांक क्षेत्रफल समान ऊष्मा की मात्रा प्रवाहित होती है तथा संगत ताप-प्रवणता ${X_c},\;{X_m}$और ${X_g}$ हैं, तो

समरूप लंबाई तथा अनुप्रस्थ काट की तीन छड़े, भिन्न-भिन्न पदार्थो की बनी है जिनकी उष्मा चालकतायें क्रमशः $K_{1}, K_{2}$, तथा $K_{3}$ हैं। इनको चित्र के अनुसार एक लंबी छड़ के रूप में जोड़ दिया गया है। इस लंबी छड़ के एक सिरे को $100^{\circ} C$ तथा दूसरे सिरे को $0^{\circ} C$ पर रखते है (चित्र देखिये)। साम्यावस्था में छड़ को संधियों के तापमान $70^{\circ} C$ और $20^{\circ} C$ हैं। यदि छड़ की सतहों से उष्मा का क्षय नही होता है, तो $K _{1}, K _{2}$ तथा $K _{3}$ के बीच सही सबंध होगा -

  • [JEE MAIN 2020]

यदि ताँबे की एक छड़ का अर्द्धव्यास और लम्बाई दोनों को ही दुगुना कर दिया जाये, तब उसमें बहने वाली ऊष्मा की दर ....... गुना बढ़ जाती है