एक फोटॉन, एक इलेक्ट्रॉन और एक यूरेनियम नाभिक सभी की समान तरंगदैध्र्य है इनमें से सबसे अधिक ऊर्जा होगी

  • A

    फोटॉन की

  • B

    इलेक्ट्रॉन की

  • C

    यूरेनियम नाभिक की

  • D

    तरंगदैध्र्य और कणों के गुण पर निर्भर करेगा

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दो भिन्न आवृतियों के प्रकाश जिनके फोटोन की ऊर्जा क्रमशः $3.8\,eV$ तथा $1.4\,eV$ है, इनको एक धात्विक सतह जिसका कार्य फलन $0.6\,eV$ है, पर क्रमागत रूप से गिराया जाता है। दोनों आवृत्तियों के लिये उत्सर्जित इलेक्ट्रॉनों की अधिकतम चाल का अनुपात होगा -

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