$T=0^{\circ} C$ पर एक सरल-लोलक, जो कि $m$ द्रव्यमान के गोलक और द्रव्यमान रहित धातु के तार से निर्मित है, का आवर्त्त-काल $2 \;s$ है। अगर तार के तापमान को बढ़ाने से, आवर्त्त-काल में हुई वृद्धि को ग्राफ द्वारा दर्शाया जाये, तो परिणामी ग्राफ की ढाल-माप (slope) $S$ है। यदि तार का रैखिक-प्रसार गुणांक $\alpha$ है तो $S$ का मान होगा
$\frac {\alpha }{2}$
$2\alpha $
$\alpha $
$\frac {1}{\alpha }$
एक लीटर एल्कोहल का वजन
एक स्टील की स्केल द्वारा, एक ताँबे के तार की लम्बाई $80.0\,cm$ मापी जाती है, दोनों के तापक्रम $20^\circ C$ हैं (जो कि स्केल का अशांकन तापक्रम है)। $40^\circ C$ तापक्रम पर स्केल द्वारा मापी गई तार की लम्बाई होगी $(\alpha$(इस्ताप) $ = 11 \times {10^{ - 6}}$per$°C$ एवं $\alpha$(ताँवा) $ = 17 \times {10^{ - 6}}per\,^\circ C$)
एल्कोहल में डूबी धातु की गेंद का भार $0°C$ एवं $59°C$ पर क्रमश: ${W_1}$ एवं ${W_2}$ है। धातु के आयतन प्रसार-गुणांक का मान एल्कोहल की तुलना में कम है। यदि धातु का घनत्व एल्कोहल की तुलना में अधिक हो, तब
ऊध्र्वाधर $U-$नली में द्रव भरा हुआ है एवं नली की दोनों भुजाओं को भिन्न- भिन्न तापक्रम ${t_1}$ एवं ${t_2}$ पर रखा गया है। दोनों भुजाओं में द्रव स्तम्भ की ऊँचाई क्रमश: ${l_1}$ एवं ${l_2}$ है, तो द्रव के आयतन प्रसार गुणांक का मान होगा
जल $500$ मीटर की ऊँचाई से गिरता है। यदि जल की सम्पूर्ण ऊर्जा जल में ही समाहित रहे तब तली में जल का ताप ............. $^\circ \mathrm{C}$ होगा